अब ग्राम पंचायत स्तर पर बनेगा शादी का प्रमाण पत्रः बाल विवाह में लगेगी रोक, कानूनी काम होंगे आसान

कोरबा 09 मई। छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह पंजीयन को लेकर बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। अब पहली बार ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इस नई प्रणाली के तहत नवदंपतियों को शादी का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील या ब्लॉक कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

पंचायत सचिव ही आवेदन की जांच कर डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी करेंगे। प्रदेश की सभी 11,644 पंचायतों सहित जिले की ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था लागू होगी। अब तक पंचायतों में मैनुअल प्रमाण पत्र जारी होते थे, जिससे पारदर्शिता और रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठते थे। नई व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। आवेदन लोक सेवा केंद्र या सीएससी के माध्यम से 30 रुपए शुल्क देकर किया जा सकेगा। आवेदन की जांच के बाद 15 दिन के भीतर प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य होगा। एक वर्ष बाद आवेदन करने पर 500 रुपए अतिरिक्त शुल्क लगेगा। जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं होगा, कोई भी मान्य दस्तावेज स्वीकार किया जाएगा। सरकार ने इसे पारदर्शी और आसान व्यवस्था बताया है। प्रदेश के सभी पंचायतों में ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट बनाने को लेकर जिलों को निर्देश दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री द्वारा पोर्टल की शुरुआत की जा चुकी है। जिन जिलों में काम पूरा हो गया होगा, वहां आवेदन किया जा सकता है।

इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया में आधार और जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्य जांच होने से उम्र में हेरफेर करना आसान नहीं होगा। इससे बाल विवाह पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। मैरिज सर्टिफिकेट पति-पत्नी के रिश्ते का कानूनी दस्तावेज होगा। इससे उत्तराधिकार, संपत्ति अधिकार, महतारी वंदन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, संयुक्त बैंक खाता और पासपोर्ट में नाम जुड़वाने जैसी प्रक्रियाएं आसान होंगी।

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