विधानसभा का विशेष सत्र: साय केबिनेट और कांग्रेस विधायक दल की कल बैठक में बनेगी रणनीति

महिला आरक्षण पर होगी सत्ता पक्ष और विपक्ष सियासी टकराहट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी दो दिनों में महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक 29 अप्रैल 2026 को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में 30 अप्रैल को होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र सहित कई प्रशासनिक और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
30 अप्रैल को एक दिवसीय विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह छठवीं विधानसभा का नवम सत्र होगा, जिसमें केवल एक बैठक निर्धारित की गई है। इस दौरान शासकीय कार्यों को औपचारिक रूप से संपन्न किया जाएगा।
महिला आरक्षण पर सियासी टकराव की आशंका
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर माना जा रहा है।सत्तारूढ़ दल भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है।वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रही है।कुल मिलाकर, यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी गर्म रहने की संभावना है।
कांग्रेस विधायक दल की भी होगी बैठक
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजे रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित की जाएगी।
यह बैठक नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में होगी, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी उपस्थित रहेंगे। बैठक में सभी कांग्रेस विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
क्या होगा बैठक का एजेंडा?
बैठक में 30 अप्रैल से शुरू होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान विपक्ष की भूमिका और रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कांग्रेस विधायक दल सदन में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तय करेगा।
प्रमुख बिंदु
0 विशेष सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा
0 सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों को अंतिम रूप देना
0 विधायी कार्यों में विपक्ष की भूमिका को प्रभावी बनाना
0 सभी विधायकों की एकजुट भागीदारी सुनिश्चित करना
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने बताया कि बैठक का उद्देश्य सदन के भीतर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना और विपक्ष की भूमिका को और प्रभावी बनाना है।
