वेदांता पॉवर प्लांट में रेस्क्यूजारी, प्लांट किया गया सील, अस्पताल में गूंज रहा परिजनों का चीत्कार

जांजगीर/सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट की गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। हादसे की खबर विभिन्न मीडिया माध्यमों से फैलने के बाद पूरे इलाके में तनाव और मातम का माहौल है। रात का समय हो चुका है, लेकिन प्रशासन और रेस्क्यू टीमों का ऑपरेशन ग्राउंड जीरो पर अब भी जारी है। इस दर्दनाक औद्योगिक हादसे में अब तक 13 मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि 23 घायल जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

रात में रेस्क्यू ऑपरेशन, प्लांट सील..

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्लांट के प्रभावित हिस्से को पूरी तरह से सील कर दिया है। रात के अंधेरे में भी हाई मास्ट लाइट्स लगाकर रेस्क्यू टीम मलबे की तलाशी ले रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य मजदूर वहां न फंसा हो। जिले के कलेक्टर और एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर कैंप किए हुए हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडिया को प्लांट के भीतर जाने की अनुमति नहीं है।

अस्पताल में चीख-पुकार और परिजनों का आक्रोश..

शक्ति के एसडीएम महेश शर्मा के नेतृत्व में घायलों को रायगढ़ के ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस समय अस्पताल के बाहर दिल दहला देने वाला मंजर है। हादसे की खबर पोर्टल और टीवी पर देखने के बाद मजदूरों के परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंच रहे हैं। अपनों को खोने का दर्द और घायलों की गंभीर स्थिति देखकर अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मची हुई है। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम अलर्ट मोड पर है और 18 गंभीर मजदूरों की जान बचाने की जद्दोजहद जारी है।

NGSL और प्रबंधन पर लटकी कार्रवाई की तलवार..

वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि जिस बॉयलर यूनिट में ब्लास्ट हुआ, उसका संचालन और रखरखाव सब-कॉन्ट्रैक्टर कंपनी NGSL (एनजीएसएल) के हाथों में था और सभी हताहत कर्मी उसी के हैं। हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बाद भी जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग (Industrial Health and Safety) की टीम कल सुबह मौके का मुआयना करेगी। प्रथम दृष्टया यह सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही का मामला लग रहा है। प्रशासन अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है और माना जा रहा है कि जल्द ही प्रबंधन और ठेका कंपनी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला (FIR) दर्ज किया जा सकता है।

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