करूमौहा ग्राम पंचायतः विवादित महिला सरपंच के खिलाफ पंचों ने खोला मोर्चा

विवाद के बाद स्थगित की अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही

कोरबा 26 मार्च। जनपद पंचायत कोरबा के करूमौहा ग्राम पंचायत में विवादित सरपंच कविता टोडे के खिलाफ पंचों ने मोर्चा खोल दिया है। कई कारणों से सरपंचों के साथ पंचों की नहीं जम रहीं है। पिछले दिनों उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस प्रशासन को दिया गया। इधर दो पंचों के रहस्यमय तरीके से लापता होने और कई आरोपों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अगली तिथि तक के लिए अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही रोकी है।

करुमौहा गांव में 25 मार्च को अचानक चहल पहल बढ़ गई। एक गाड़ी में बैठकर पुलिस के कई जवान गांव पहुंच गए पंचायत भवन के पास उनकी मौजूदगी इंगित कर रही थी कि आज यहां कुछ खास होने वाला है। वह खास था सरपंच के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान। पुलिस की इतनी मौजूदगी एक महिला पंच निर्मला के अपहरण के आरोप के कारण थी। पुलिस के वहां पहुंचने पर पता चला की एक और महिला पंच मीला बाई भी सुबह से लापता है। मामला और गंभीर हो गया। भैसमा तहसीलदार मौके पर पहुंचे तो वहां उपस्थित पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव की तिथि टालने का आग्रह करते हुए बताया की सरपंच पर संदेह है कि उसने ही अविश्वास प्रस्ताव गिराने के लिए दो पंचों का अपहरण करा लिया है। तहसीलदार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बैठक को स्थगित कर दिया।

गौर तलब है कि कोरबा पुलिस प्रशासन का एक और शानदार कारनामा जग जाहिर हुआ है। करतला ब्लॉक के करूं महुआ गांव के सरपंच और पंचों के मध्य अविश्वास घर कर गया। पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर सरपंच को हटाने का नोटिस दे दिया ।तिथि तय हो गई लेकिन पहले ही निर्मला नामक एक पंच पति और बच्चे के साथ लापता हो गई। परिजनों ने खोजबीन के बाद जब यकीन हो गया की निर्मला का अपहरण हो गया है तो रजगामार पुलिस चौकी प्रभारी को अपनी फरियाद सुनाई, लेकिन इन्हें टाल दिया गया। परिजन बालको थाना गए वहां भी बहाने बाजी की गई । पुलिस अधीक्षक कार्यालय आए यहां भी टालमटोल किया गया ।परिजनों ने रजगामार पुलिस चौकी प्रभारी लक्ष्मण खूंटे से फिर संपर्क किया तो बताया गया की निर्मला सही सलामत है ।सरपंच के परिवार ने निर्मला से थाना प्रभारी लक्ष्मण की बात कराई है। लेकिन जब निर्मला के परिजनों ने स्वयं भी निर्मला से बात करने की इच्छा जाहिर की तो थाना प्रभारी द्वारा बहाना किया जाने लगा।

यह टाल मटोल क्यों की गई पुलिस अधीक्षक से लेकर चौकी प्रभारी तक क्यों निर्मला के परिजनों से बहाने पर बहाने कर रहे हैं इस प्रश्न का उत्तर गांव के लोगों के पास है। उन्होंने दबी जुबा बताया कि सब पैसों का खेल है। बहरहाल वर्तमान पुलिस अधीक्षक और उनकी टीम की कार्यप्रणाली एक बार फिर से उजागर हुई है देखना है कि इस मामले का पटाक्षेप किस रूप में होता है

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