चुईया में एचटीपीएस की ओर से स्वास्थ्य जागरुकता शिविर एवं स्वास्थ्य शिविर लगाया गया

कोरबा 24 मार्च 2026 -हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीएस) कोरबा पश्चिम की ओर से ग्राम चुईया में स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एमके. गुप्ता के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम चुईया के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी जो नुस्खे बताएं हैं, उसे आप सबने उसे बड़े ध्यान से सुना होगा और अपने जीवन को स्वस्थ रखने के लिए आप इन विशेषज्ञ सलाहों का पालन करेंगे।

हसदेव ताप विद्युत गृह (एचटीपीएस) कोरबा पश्चिम के समीपस्थ गांवों में स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम श्रृंखला छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की नई परियोजना 2ग660 मेगावाट संयंत्र की निगमित पर्यावरणीय उत्तरदायित्व (ब्म्त्.ब्वतचवतंजम म्दअपतवदउमदजंस त्मेचवदेपइपसपजल) के हिस्से हैं। जनरेशन कंपनी, विद्युत संयंत्र के समीपस्थ 11 गांवों में सीईआर के कार्यों को जमीनी स्तर पर पहुंचा रही है।

शिविर में एनकेएच. हॉस्पिटल, कोरबा के न्यूरो फिजिशियन डॉ. मनीष गोयल ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी को सिर में बार-बार दर्द उठ रहा है तो यह रक्तचाप बढ़ने की वजह से हो सकता है। अगर सिर में एक तरफ दर्द उठे तो वह माइग्रेन हो सकता है। पीड़ितों को मेडिकल स्टोर से सीधे दवा लेकर सेवन करना उचित नहीं है। इसके लिए चिकित्सक से मिलकर परामर्श लेना उचित रहेगा। डॉ. मनीष गोयल ने कहा कि नसों में दर्द, झुनझुनी नस संबंधी समस्या हो सकती है। हाथ-पैर में जलन की समस्या मधुमेह की वजह से हो सकती है। आजकल मोबाइल पर स्क्रीनटाइम बढ़ने से अनिद्रा की शिकायत होती है। अतः सोने से दो घंटे पहले मोबाइल का उपयोग बंद कर दें। पैरालिसिस स्ट्रोक के केस में लक्षणों के पता चलने पर चार घंटे के भीतर उसे इंजेक्शन देकर असर को रिवर्स किया जा सकता है। इसलिए तुरंत अस्पताल जाकर पैरालिसिस का उपचार कराएं।

एनकेएच. हास्पिटल के त्वचारोग विशेषज्ञ डॉ. जय बावने ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि त्वचा की सही देखभाल के लिए खानपान अच्छा रखें। अपने सिर के बालों को बचाने के लिए भोजन में प्रोटीन बढ़ाएं, हरी सब्जियां, फल खाएंगे तो आपके बाल अच्छे काले रहेंगे। सफेद दाग जैसे त्वचारोग के लिए चिकित्सकों को दिखाने से मत घबराइए। यह आसानी से ठीक किया जा सकता है। बाकि 99 प्रतिशत त्वचा की बीमारियां आसपास एवं स्वयं की साफ-सफाई एवं अच्छे खानपान से ठीक किया जा सकता है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ रेणु कौशिक ने कहा कि बच्चे स्वस्थ रहेंगे तो हमारा राष्ट्र मजबूत होगा। ग्रामीणों से आग्रह करते हुए डॉ. कौशिक ने कहा कि बच्चों को समय पर घर पर बना भोजन कराइए। छोटे बच्चों के लिए मां दूध सर्वोत्तम है। बच्चों को बाजार के चिप्स, कुरकुरे एवं अन्य खाद्य पदार्थों से दूर रखें।

चिकित्सा सलाहकार डॉ. एससी. खरे ने कहा कि ईश्वर ने मानव शरीर को रोज 40 किमी. चलने के लिए बनाया है। आप उसे दौड़कर, नाला पारकर, पेड़ पर चढ़ कर आदि जैसे वर्कआउट कर पूरा कर सकते हैं। हमारे पूर्वजों की तरह घर का सादा भोजन, समय पर सोने, नियमित दिनचर्या और ध्यान, योगाभ्यास और सामान्य कसरत एवं पैदल चलने को अपनाइए।

स्वास्थ्य शिविर में मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एमके. गुप्ता, परियोजना प्रबंधक श्री एसके पंड्या एवं ग्राम के जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिकों समेत अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। शिविर में 30 ग्रामीणों ने मधुमेह की जांच कराई एवं 60 ग्रामीणों की रक्तचाप की जांच की गई। 80 ग्रामीणों को परामर्श के बाद सर्दी, खांसी, बुखार एवं जीवन रक्षक दवाइयां बांटी गईं।

शिविरों का लाभ ग्राम चुईया की महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग सहित कुल 110 ग्रामवासियों ने उठाया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता एसके गोठी, सुमित सिंह, टीपी. सिंह, डॉ. एससी खरे, डॉ. श्वेतांबरी महंता, डॉ. प्रीति पूनम कुजूर, वेदांता अस्पताल से डॉ. दीपक साहू, कार्यपालन अभियंता सुधीर टिकरिहा, मनोज मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी बसंत शाहजीत, स्वास्थ्य विभाग की टीम और अन्य अधिकारी एवं ग्राम के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Spread the word