एक अप्रैल से मनरेगा की विदाई की तैयारी, पेंडेंसी समाप्त करने की चल रही कार्रवाई

कोरबा 11 फरवरी। पश्चिम बंगाल में सामने आए सैकड़ों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार और देश के कई अन्य राज्यों से मिली गंभीर शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने की तैयारी कर ली है। इसके स्थान पर केंद्र सरकार की नई महत्वाकांक्षी योजना ‘विकसित भारत-रामजी योजना’ को लागू किया जा रहा है, जो 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में प्रभावी होगी।

इसी क्रम में कोरबा जिला प्रशासन ने भी मनरेगा को औपचारिक रूप से विंड-अप करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले मनरेगा से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों, भुगतान और फाइलों के निपटारे पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कोरबा जिले की जिला पंचायत सहित पांचों जनपद पंचायत कार्यालयों में मनरेगा से जुड़ी टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जैसे ही नई योजना लागू होगी, ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकांश कार्य ‘विकसित भारत-रामजी योजना’ के प्रावधानों के अंतर्गत किए जाएंगे। इसी कारण मनरेगा से संबंधित सभी पुराने मामलों को तेजी से निपटाया जा रहा है। मनरेगा को समाप्त किए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने कोरबा सहित देवघर जैसे जिलों में ‘मनरेगा बचाव महासंग्राम’ छेड़ रखा है। जगह-जगह धरना-प्रदर्शन, सभाएं और रैलियां आयोजित की जा रही हैं।

हालांकि, जिस रफ्तार से सरकारी कार्यालयों में मनरेगा की औपचारिक विदाई की तैयारी और पेंडेंसी समाप्त करने की कार्रवाई चल रही है, उसे देखकर यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस के विरोध का फिलहाल कोई ठोस असर प्रशासनिक स्तर पर नजर नहीं आ रहा। केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आने वाले समय में रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को नई योजना के तहत अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे में मनरेगा का अध्याय अब अंतिम दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है।

Spread the word