कोरबा शिक्षा विभाग में ईपीएफ राशि का बड़ा घोटाला उजागर

संविदा कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़
कोरबा 24 जनवरी। जिले में दूसरे मद की राशि दूसरे मद में खर्च करने का खेला चल रहा है। 15 वें वित्त की राशि अनेक मदों में खर्च करने के मामले जहां सामने आए वहीं इस बार जिले के समग्र शिक्षा विभाग में संविदा कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए ईपीएफ की राशि में खेला कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा से संविदा कर्मचारियों के लिए 6 माह की ईपीएफ राशि 11 लाख 87 हजार रूपये जारी हुई थी, लेकिन विभाग के लेखापाल और अफसर ने उक्त फंड को कर्मचारियों के ईपीएफ खाते में जमा करने की जगह आकस्मिक कार्य बताकर आहरण कर लिया गया। लाखों रूपये के इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद, जहां विभाग में हड़कंप मचा हुआ है वहीं कलेक्टर ने इस मामले में जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
गौरतलब है कि कोरबा जिले में संचालित समग्र शिक्षा विभाग अपने कारनामों को लेकर हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है। ताजा मामला समग्र शिक्षा विभाग में पदस्थ संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ घोटाले से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा 23 सितंबर 2025 को कोरबा जिले के समग्र शिक्षा कार्यालय में पदस्थ 128 संविदा कर्मचारियों के लिए 6 माह का का शासकीय अंशदान 11 लाख 87 हजार रुपये जारी किया था। यह राशि कर्मचारियों के ईपीएफ खातों में जमा किया जाना था लेकिन इस फंड पर अधिकारियों की नीयत बिगड़ गयी।
सूत्रों की माने तो कोरबा समग्र शिक्षा कार्यालय में पदस्थ लेखापाल टिकेश्वर तिवारी और तत्कालीन डीएमसी ने इस राशि को कर्मचारियों के ईपीएफ खातों में जमा करने की बजाय कंटीजेंसी के नाम पर आहरण कर लिया गया जो सीधे तौर पर शासकीय निर्देशों और वित्तीय नियमों का उल्लंघन है। इस गंभीर अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद जहां समग्र शिक्षा विभाग में हड़कंप और कर्मचारियों में आक्रोश है। वहीं नवपदस्थ डीएमसी इस घटना से सकते में हैं।
बताया जा रहा है विभाग में हुए इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जहां नाराज कर्मचारी शिकायत करने की तैयारी में हैं वहीं दूसरी तरफ विभाग के चर्चित लेखापाल और पूर्व अधिकारी डैमेज कंट्रोल करने में लगे हुए हैं। लिहाजा ईपीएफ के लाखों रूपये के अनाधिकृत आहरण की भरपाई के लिए अधिकारी गुणा-भाग लगाने में जुटे हुए हैं। इस पूरे मामले में कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत से जानकारी चाही गयी..तो उन्होने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की आर्थिक लापरवाही और मनमानी बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होने बताया कि मामले की जांच के बाद यदि ऐसी अनियमितता पायी जाती है, तो दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
