सेंड ब्लास्टिंग के साथ बरॉज में मेंटेनेंस ने पकड़ी गति

ई एंड एम संभाग को दिया गया है दायित्व
कोरबा 12 जनवरी। बहुद्देशीय हसदेव बांगो परियोजना पर आधारित कोरबा जिले के दर्री स्थित हसदेव बरॉज के मेंटेनेंस कार्य ने गति पकड़ी है। इस पर तीन करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक एंड मेकेनिकल कटघोरा संभाग के दायरे में दर्री सबडिवीजन इस काम को कर रहा है। संभावना है कि पूरे काम को करने में 11 महीने लग सकते हैं। जबकि हसदेव बरॉज पुल पर वाहनों के परिचालन के लिए 6 महीने के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
हसदेव बरॉज दर्री में सतह से लेकर उपरी हिस्से में कई प्रकार के कार्यों की आवश्यकता को महसूस किया गया। बरॉज के बड़े हिस्से से जलकुंभियों को हटाने, यहां के 14 गेटों में जमीं काई, धूल-मिट्टी के निस्तारण के साथ पेंटिंग, आसानी से इनके प्रचालन और हर हाल में कार्य कुशल बनाने के अंतर्गत मेंटेनेंस के काम को हाथ में लिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने इस संपूर्ण प्रक्रिया का तकनीकी स्तर पर विश्लेषण करने के साथ प्रस्ताव तैयार किया। इसे स्वीकृति प्राप्त होने के साथ कदम बढ़ाए गए। उक्तानुसार ध्यानचंद चौराहा से हसदेव बरॉज से मुख्य मार्ग वाले हिस्से को आवागमन के लिए 6 महीने की अवधि हेतु प्रशासन के आदेश पर प्रतिबंधित कराया गया, ताकि बरॉज के समस्त क्षेत्र में मेंटेनेंस संबंधी कामकाज समग्र रूप से संचालित हो सके। विभागीय अधिकारी ने बताया कि सिंचाई विभाग ने हसदेव बरॉज के मेंटेनेंस के लिए नीतिगत रूप से अनुमति और वित्तीय राशि उपलब्ध कराई। कामकाज के अंतर्गत सभी तरह के अवरोध गेट के लो लेबल से लेकर मेन स्ट्रीम तक हटाए जाने हैं। ऑयल ग्रीसिंग के साथ हर गेट को टेक्निकली साउंड बनाया जाना है ताकि बारिश और अन्य अवधि में उन्हें आसान तरीके से संचालित किया जा सके। बताया गया कि सेंड ब्लास्टिंग के साथ गेटों की पेंटिंग की जानी है। इसी मकसद से हसदेव बरॉज से संबंधित हिस्से में सडक पर आवागमन बंद कराया गया है। जानकारी दी गई कि उपरी, मध्य और निचले स्तर पर ऐसे सभी कार्यों के लिए होने वाले संपूर्ण मेंटनेंस के लिए 10 से 11 महीने का समय जाया हो सकता है। इसी आधार पर कामकाज को तय किया गया, जबकि मुख्य मार्ग वाले हिस्से से संबंधित कामकाज को 6 महीने में पूरा किया जाना संभावित है। इसके साथ इस रास्ते को सामान्य वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
याद रहे मिनीमाता हसदेव बांगो परियोजना से आने वाले पानी को हसदेव बरॉज में नियंत्रित करने के साथ यहां से क्षेत्रीय उद्योगों की आवश्यकताएं पूरी की जा रही है। इसमें घरेलू उपभोक्ताओं को भी शामिल किया गया है। पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश के समय इस परियोजना का निर्माण व्यापक दृष्टिकोण से किया गया था। बीते चार दशक में उद्योगों और सामान्य उपभोक्ताओं को इसके माध्यम से उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ है।
