सुगम व्यवस्था, संतुष्ट किसान ऑनलाइन टोकन और समयबद्ध प्रक्रिया से आसान हुआ धान विक्रय

पीढ़ियों के विश्वास से सशक्त होता विष्णु सरकार; दादा और पोते ने साथ-साथ देखा तकनीक के सहारे आगे बढ़ता किसान हितैषी तंत्र

कोरबा 16 दिसंबर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी और किसान केंद्रित बनाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस प्रणाली से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलने के साथ-साथ हर चरण में सहयोग और सुविधा उपलब्ध हो रही है, जिससे धान विक्रय को लेकर किसानों में भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

कोरबा जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में इन दिनों सक्रियता और सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। किसान तय समय पर केंद्रों में पहुंचकर सहजता से धान का विक्रय कर रहे हैं। समयबद्ध टोकन व्यवस्था, ऑनलाइन पंजीयन, व्यवस्थित तौल, भुगतान की स्पष्ट प्रक्रिया और केंद्रों पर उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं ने पूरी व्यवस्था को सरल बना दिया है। इन प्रबंधों के कारण किसानों को अनावश्यक इंतजार या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था की प्रभावशीलता करमंदी गांव के कृषक श्री नारायण प्रसाद के अनुभव से स्पष्ट होती है। वे आज दूसरी बार अपना धान लेकर भैंसमा उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां इस बार उन्होंने 48 किं्वटल धान विक्रय के लिए लाया। इससे पहले वे पहली पारी में 50.20 किं्वटल धान बेच चुके हैं। इस प्रकार इस खरीफ सीजन में उन्होंने कुल लगभग 98.2 किं्वटल धान का विक्रय किया है। लगभग पांच एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले श्री प्रसाद ने मेहनत और बेहतर प्रबंधन से अच्छी पैदावार प्राप्त की है।

श्री प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक रही। ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था से उन्हें किसी प्रकार की भागदौड़ नहीं करनी पड़ी। उनके पोते श्री सुनील यादव ने टोकन तंुहर ऐप के माध्यम से घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर लिया, जिससे निर्धारित तिथि पर सीधे उपार्जन केंद्र पहुंचकर धान विक्रय संभव हो सका।उन्होंने यह भी साझा किया कि पिछले वर्ष उन्होंने 84 किं्वटल धान का विक्रय किया था और सरकार से समय पर प्राप्त भुगतान का उपयोग उन्होंने खेतों की मरम्मत और कृषि सुधार कार्यों में किया। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम इस वर्ष की बेहतर फसल के रूप में सामने आया। यह अनुभव दर्शाता है कि सरकार की नीतियां किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उनकी कृषि क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध हो रही हैं। धान विक्रय के दौरान श्री नारायण प्रसाद और उनके पोते ने उपार्जन केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उनके अनुसार धान विक्रय की सभी प्रक्रिया स्पष्ट रही तथा अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगपूर्ण रहा, जिससे किसानों को सम्मान और विश्वास का अनुभव हुआ। साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय की सराहना करते हुए कहा कि किसान हित में लगातार अनेक प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को मेहनत का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सरकार ने खेती को मजबूत आधार दिया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो और धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। सर्वाधिक समर्थन मूल्य, डिजिटल प्रक्रियाएं और पारदर्शी भुगतान प्रणाली इस दिशा में प्रभावी साबित हो रही हैं। पूरे प्रदेश में संचालित यह व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि सुदृढ़ नीति, सक्रिय प्रशासन और संवेदनशील नेतृत्व के माध्यम से किसानों का विश्वास और सहभागिता लगातार मजबूत हो रही है।

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