विकास और सांस्कृतिक विरासत के शानदार संगम के साक्षी बना राज्योत्सव 2025

ओजपूर्ण काव्य, मधुर सुर और थिरकते लोकनृत्य ने बढ़ाई समापन समारोह की शोभा

जिले का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्रतीकचिह्न और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित

स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और कलात्मक अभिव्यक्ति ने जीता दर्शकों का दिल

कोरबा 04 नवंबर 2024. छत्तीसगढ़ स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नगर के ह्रदय स्थल डॉ. भीमराव अम्बेडकर ओपन ऑडिटोरियम कोरबा मे तीन दिवसीय राज्योत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने राज्योत्सव 2025 के समापन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। हमारा प्रदेश बुलंदियों की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उन्होनें राज्य निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि 25 वर्ष पूर्व उनके सहयोग से राज्य का निर्माण हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य का तीव्र गति से विकास हो रहा है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में गरीब, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, छात्र-छात्राओं समेत सभी वर्ग के हित के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। सभी वर्गों के लोग इसका लाभ उठा रहे हैं और राज्य के विकास में अपना अहम योगदान भी दे रहे हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्योत्सव पर राज्य को अनेकों विकास कार्यो की सौगात दी है। उनके द्वारा नए विधान सभा भवन का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने विकास कार्यो के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि राज्य में मोदी की गारंटी को पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार बनते ही प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास हेतु राशि जारी की गई है। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ के दर से धान की खरीदी की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण 5500 रूपए मानक बोरा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिला खनिज संस्थान न्यास का सदुपयोग जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु किया जा रहा है। जिससे जिला में भी विकास कार्य तेजी से हो रहा है। उन्होंने आमजनो को योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए राज्योत्सव स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल में जाकर विभाग में संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास में नागरिकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभाने हेतु प्रेरित करते हुए सभी को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी।

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय एवं कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन के निर्देशन में जिले में शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारी की सहभागिता से योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव में विभागीय स्टालों के माध्यम से शासकीय योजनाओं के प्रगति की प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसका अवलोकन कर आमजन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ ले सकते है। उन्होंने जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ को बेहतर और नई ऊंचाइयों में पहुचाने हेतु निरंतर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री देवांगन द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को प्रतीकचिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। जिनमें कबड्डी की खिलाड़ी सुश्री संजू देवी यादव, श्री मूलचंद मारको, कीक बॉक्सिंग खिलाड़ी श्रीमती तब्बसूम सय्यद, श्री तारकेश मिश्रा, तैराकी की सुश्री भूमि गुप्ता, कराटे व जू- जितसू की सुश्री स्नेहा बंजारे, तीरंदाजी के श्री युवराज यादव, बैडमिंटन के श्री हर्षित ठाकुर, शतरंज के श्री प्रभमन सिंह मल्होत्रा एवं क्रिकेट के श्री सत्यम दुबे शामिल है। सभी ने अपने-अपने खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर न केवल जिले, बल्कि प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।

मुख्य अतिथियों ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, लगन और अनुशासन से आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिले के खिलाड़ी आगे भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाते रहेंगे। मंच से महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित कोरबा की बेटी लखनी साहू का भी सम्मान किया गया।

राज्योत्सव के समापन अवसर पर कवि सम्मेलन में झलकी देशभक्ति और हास्य की छटा

राज्योत्सव के समापन अवसर पर मंगलवार की शाम रंगारंग कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश के ख्यातनाम कवियों ने अपनी ओजपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दिल्ली से आए प्रसिद्ध कवि श्री चिराग जैन और श्री अरुण जेमिनी, मध्यप्रदेश देवास से श्री शशिकांत यादव, नागपुर की श्रद्धा शौर्य, मुंगेली के श्री देवेंद्र परिहार, तथा कोरबा के हीरामणी वैष्णव एवं अंजना सिंह ने मंच संभाला।

कवियों ने हास्य, वीर रस और व्यंग्य से परिपूर्ण रचनाओं का ऐसा समां बाँधा कि कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। ऑपरेशन सिंदूर के लिए सीमा पर तैनात सेना के शौर्य और बलिदान का मार्मिक चित्रण किया गया, वहीं सामाजिक विसंगतियों पर तीखे व्यंग्य ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया। कवि सम्मेलन से साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा के साथ ही युवाओं में राष्ट्रप्रेम और अभिव्यक्ति की भावना भी जाग्रत करते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

स्थानीय कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां

राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। मंच पर प्रस्तुत विविध नृत्य और संगीत कार्यक्रमों ने संस्कृति और परंपरा की छटा बिखेर दी।
कार्यक्रम की शुरुआत कथक नृत्य से हुई, जिसमें हेमा जायसवाल, लतिका थापा और समृद्धि शर्मा ने अपनी सुंदर भावभंगिमाओं और लयबद्ध ताल पर मंत्रमुग्ध कर देने कथक नृत्य का प्रदर्शन किया। तबले पर फणीन्द्र दुबे तथा लायंस स्कूल कोरबा के धीरज साहू ने शास्त्रीय तबला वादन से वातावरण को संगीतमय बना दिया। नगर के सुप्रसिद्ध गायक श्री संदीप शर्मा ने अपनी मधुर आवाज में गायन प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। साथ ही डीडीएम स्कूल एवं सेजेस एनसीडीसी कोरबा के छात्रों एवं लोक कलाकार थिरमन दास की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। अतिथियों ने कलाकारों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय कला एवं कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, जिससे सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलती है।

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