पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री से की कलेक्टर अजीत वसंत की शिकायत, कलेक्टर अजीत बसंत ने स्वयं ही शुरू कर दी शिकायत की जांच

भाजपा सरकार अपने कद्दावर नेता का सम्मान बचाएगी या नौकरशाही को दे देगी अपमानित करने की छूट?
श्रीमती डॉक्टर रूपल ठाकुर प्रतिमाह 200 मरीज का उपचार करती हैं। अर्थात प्रतिदिन सात मरीज उनसे लाभान्वित होते हैं। इसी तरह 1 वर्ष के दौरान उन्होंने 523 ऑपरेशन किए हैं। यानी औसत सवा ऑपरेशन प्रतिदिन।
गेंदलाल शुक्ल
कोरबा। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कलेक्टर अजीत वसंत की मुख्यमंत्री से शिकायत कर उन्हें हटाने की मांग की है। इस पर मुख्यमंत्री ने आरोपों की जांच कर कार्रवाई की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद कलेक्टर अजीत बसंत ने स्वयं ही शिकायत की जांच शुरू कर दी है।
कलेक्टर का यह अजब – गजब कारनामा तब सामने आया, जब उनकी धर्म पत्नी से संबंधित एक पत्र न्यूज पोर्टल के माध्यम से सार्वजनिक हुआ। पत्र को देखने से पता चलता है कि कलेक्टर वसंत की जांच क्रायोजेनिक इंजन से चलने वाले रॉकेट की गति से शुरू होकर मंजिल की ओर बढ़ रही है।
आपको बता दें कि पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने 22 सितंबर 2025 को एक ज्ञापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भेजा था। इसमें, कलेक्टर अजित वसंत पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए तीन दिन के भीतर कोरबा से हटाने की मांग की थी। उन्होंने, साथ ही समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर धरना आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया था।
अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का यह ज्ञापन सार्वजनिक हुआ तो मीडिया में सुर्खियों में छपा। उन्होंने साय सरकार पर कलेक्टर को संरक्षण देने का और अपनी पूर्व की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री साय ने 23 सितंबर को मामले में जांच कर कार्रवाई की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इन पंक्तियों के लिखे जाने तक मामले की जांच के लिए किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है। लेकिन कोरबा कलेक्टर ने स्वयं के खिलाफ हुई शिकायत की जांच के लिए खुद को ही जांच अधिकारी नियुक्त कर लिया है और 23 सितंबर को शिकायत की एक महत्वपूर्ण बिंदु पर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखकर जानकारी मांगी। 24 सितंबर को इस पत्र का जवाब भी रॉकेट की गति से कलेक्टर के टेबल पर पहुंच गया।

दरअसल, कलेक्टर अजीत वसंत की धर्मपत्नी श्रीमती डॉक्टर रूपल ठाकुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में एस आर के पद पर संविदा में कार्यरत हैं। उन्हें 1 लाख 45 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता है। शिकायत में उन पर बिना कार्य किये लाखों रूपयों का भुगतान हासिल करने का आरोप लगाया गया है।
मेडिकल कॉलेज से कलेक्टर को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि श्रीमती डॉक्टर रूपल ठाकुर प्रतिमाह 200 मरीज का उपचार करती हैं। अर्थात प्रतिदिन सात मरीज उनसे लाभान्वित होते हैं। इसी तरह 1 वर्ष के दौरान उन्होंने 523 ऑपरेशन किए हैं। यानी औसत सवा ऑपरेशन प्रतिदिन। मजे की बात यह है कि कलेक्टर को प्राप्त रिपोर्ट की प्रतिलिपि मीडिया को उपलब्ध हो गई। इस रिपोर्ट को आधार बनाकर पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के खिलाफ और कलेक्टर अजीत वसंत के पक्ष में सुनियोजित अभियान छेड़ दिया गया है।
यहां आपको बता देते हैं कि श्रीमती डॉक्टर रूपल ठाकुर की नियुक्ति कलेक्टर अजीत वसंत के कोरबा में पदस्थ होने के बाद मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में संविदा पर की गई है। डॉ रूपल ठाकुर की योग्यता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता, परन्तु कोरबा कलेक्टर की पत्नी की कोरबा के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में नियुक्ति अपने आप में कुछ कहती नजर आती है। अगर यह कहा जाए कि कलेक्टर अजीत वसंत अपनी तथाकथित जांच के जरिए मामले का पटाक्षेप करने का प्रयास कर रहे हैं और अपनी पत्नी की नियुक्ति को पाक साफ बताने की कोशिश कर रहे हैं तो गलत नहीं होगा। कलेक्टर कोरबा और मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन के बीच के कार्यालयीन पत्र और उसमें दर्ज तथ्यों का सार्वजनिक होना भी इस बात की पुष्टि करता प्रतीत होता है। यह भी जांच का विषय बन गया है कि इस पत्र को किसने मीडिया को उपलब्ध कराया?
इस बहुचर्चित प्रकरण में यह देखना भी दिलचस्प होगा कि भारतीय जनता पार्टी की छत्तीसगढ़ सरकार अपने वरिष्ठ आदिवासी नेता और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का सम्मान बचाएगी या नौकरशाही को देगा अपमानित करने की छूट देगी?
