रेल्वे स्टेशन की सेकंड एंट्री वाले रास्ते का नारकीय हाल, दलदल के कारण बढ़ी मुश्किल

कोरबा 14 सितंबर। औद्योगिक नगर कोरबा में एसईसीएल क्षेत्र से होकर रेलवे की सेकंड एंट्री तक जाने वाला रास्ता दलदल में बदल गया है। कोयला डस्ट और बरसाती पानी ने इस मार्ग को और भी खतरनाक बना दिया है। इस रास्ते से हर दिन हजारों लोग गुजरते हैं, लेकिन उन्हें गिरने, चोटिल होने और कपड़े खराब होने जैसे जोखिम उठाने पड़ रहे हैं। सवाल यही है कि आखिर कब तक लोग इस समस्या से जूझते रहेंगे और कब इस मार्ग की सुध ली जाएगी।

कोरबा का यह रास्ता गर्मी में उड़ती धूल और बरसात में कीचड़ से लोगों की मुसीबत बना हुआ है। यहां पैदल चलना तो दूर, वाहन चलाना भी किसी चुनौती से कम नहीं। आए दिन हादसे होते हैं और लोग चोटिल हो जाते हैं। इस मार्ग से होकर बड़ी संख्या में लोग एसईसीएल के बेसिक इंजीनियरिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और रेलवे स्टेशन की सेकंड एंट्री तक पहुंचते हैं। रास्ते की दुर्दशा के कारण उनके सामने कड़वे अनुभव बढ़ते जा रहे हैं। लंबे समय से लोग इस सडक की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। शिकायत है कि अनेक अवसर पर रेल अधिकारियों, प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन के अलावा जनप्रतिनिधियों को इस बारे में अवगत कराया गया। उनसे परेशानियां बताई गई और इसके साइड इफेक्ट भी साझा किए गए।

उन्हें बताया गया कि समस्यामूलक रास्ते पर आवाजाही करने के क्या कुछ असर स्वास्थ्य पर हो रहे हैं। हर बार अधिकारियों ने इस पर चिंता जरूर जताई लेकिन किया कुछ भी नहीं। लोगों ने और भी स्तर पर इस मामले की जानकारी दी और अपने तरीके से चेताया। इतना सबकुछ होने पर भी इस रास्ते का उद्धार नहीं हो सका है। लोगों को लगने लगा है कि क्या इस रास्ते का सुधार उनके लिए सिर्फ एक सपना बनकर रह जाएगा।

जिले में कोयलांचल के साथ-साथ बालकोनगर को जाने वाले रास्ते पर भी इस तरह की समस्याएं लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। इन मामलों को लेकर कई अवसर पर लोगों को प्रदर्शन करने सडक पर उतरना पड़ा है। सवाल यह है कि ऐसा कब तक चलेगा।

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