रायपुर के हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई

बिलासपुर। रायपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की और याचिकाओं पर अगले सप्ताह एक साथ सुनवाई का समय दिया। साथ ही कोर्ट ने मामले में हुई बहस का आदान-प्रदान करने के निर्देश भी दिए। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनहरण लाल साहू और सतीश चंद्र वर्मा ने पैरवी की। वहीं शासन की ओर से प्रस्तुत अधिवक्ता ने कहा कि तोमर बंधुओं के खिलाफ कई गंभीर अपराध दर्ज हैं, जिनके आधार पर जमानत पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने रायपुर पुलिस अधीक्षक से व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करने का आदेश दिया था, जिसे समय पर अदालत में प्रस्तुत किया गया। 

यह मामला तब चर्चा में आया जब सेशन कोर्ट ने 18 अगस्त तक दोनों भाइयों के खिलाफ उद्घोषणा जारी की थी। लेकिन इससे पहले ही तोमर बंधुओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर अग्रिम जमानत की मांग की। अदालत में सुनवाई लगातार चल रही है, जबकि पुलिस आरोपों की जांच में जुटी है। अपराधों का इतिहास तोमर बंधुओं पर वर्षों से अपराधों का लंबा इतिहास दर्ज है।

वीरेंद्र तोमर के खिलाफ दर्ज मामले:

2006 – आजाद चौक थाने में चाकू से हमले का केस 
2010 – गुढ़ियारी क्षेत्र में मारपीट का मामला
2013 – हत्या का मामला
2016 – पुरानी बस्ती में मारपीट का केस 2017 – भाठागांव में एक महिला को जान से मारने की धमकी
2019 – पुरानी बस्ती में धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला
2019 – हलवाई लाइन में ब्लैकमेलिंग का मामला

रोहित तोमर के खिलाफ दर्ज मामले: 2015 – पुरानी बस्ती में कर्ज न चुकाने पर अप्राकृतिक कृत्य की शिकायत
2016 – पुरानी बस्ती में मारपीट का केस 2017 – भाठागांव में मारपीट और जान से मारने की धमकी
2018 – भाठागांव में ब्लैकमेलिंग का मामला
2019 – कोतवाली थाने में सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग की शिकायत

इसके अतिरिक्त जून 2025 में रोहित तोमर के खिलाफ तेलीबांधा थाने में प्रॉपर्टी डीलर दसमीत चावला ने मारपीट का केस दर्ज कराया। इसके बाद पुरानी बस्ती क्षेत्र में छह और मामले दर्ज किए गए। जब्ती और कुर्की की कार्रवाई पुलिस ने जांच के दौरान दोनों भाइयों की अवैध संपत्ति और नकद संपत्ति को जब्त किया है। अब तक पुलिस ने 35 लाख रुपये नकद, 70 तोला सोना, 125 ग्राम चांदी और चार महंगी गाड़ियां जब्त की हैं। इसके अलावा भाठागांव क्षेत्र में 1500 वर्गफीट की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी गई और अवैध निर्माण को ढहाने की कार्रवाई की गई।

न्यायिक प्रक्रिया और अगला कदम अदालत ने सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए अगले सप्ताह सूचीबद्ध किया है। पुलिस द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र और मामले के तथ्य अदालत में प्रस्तुत किए गए हैं। कोर्ट ने बहस की प्रतिलिपि दोनों पक्षों के बीच साझा करने के निर्देश दिए हैं। तोमर बंधुओं का मामला केवल व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में सूदखोरी, धमकी, अवैध संपत्ति और अपराध नेटवर्क से जुड़ा गंभीर मामला है। अदालत की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि अग्रिम जमानत मिलती है या नहीं। समाज में बढ़ती चिंता स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर चिंता बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। साथ ही अदालत ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और जांच को प्रभावी ढंग से पूरा करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला अब न केवल रायपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बन गया है। अदालत का अगला आदेश इस मामले की दिशा तय करेगा।

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