निगरानी के लिए लगाए गए बेरियर की खरोंच बनी मोटी कमाई का जरिया

कोरबा। एसईसीएल की मेगा प्रोजेक्ट गेवरा-दीपका में निगरानी के लिए लगाए गए बेरियर में किसी वजह से आने वाली खरोंच कुछ अधिकारियों और कर्मियों के लिए एकतरफा मोटी कमाई का जरिया बन गई है। ऐसे हर मामले में 20 हजार रुपए वाहन चालकों अथवा मालिकों से लिए जा रहे हैं। यह बात एसईसीएल के सीएमडी तक पहुंच गई है।

ट्रांसपोर्ट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ ने गेवरा-दीपका क्षेत्र में चल रहे इस मनमाने और अवैध कारनामे पर आपत्ति दर्ज कराई। सीएमडी को भेजे गए पत्र में अध्यक्ष संजीव सिंह ठाकुर ने कहा है कि एसईसीएल गेवरा-दीपका क्षेत्र में बूम बेरियर डेमेज होने पर प्रत्येक मामले में 20 हजार रुपए का डेमेज चार्ज लिया जा रहा है या इसकी वसूली की जा रही है। यह डेमेज चार्ज अत्याधिक और अनुचित बताया गया है। सीएमडी की जानकारी में इस बात को लाया गया है कि खदान क्षेत्र में आने-जाने के दौरान किसी वजह से अगर बेरियर को आंशिक खरोंच आती है या नुकसान होता है तो इसे बनाने में अधिकतम 5 से 8 हजार का खर्च संभावित है।

इस मामले में बेरियर पर मौजूद कर्मी किसी की बात नहीं सुनते। मौके पर लगाए गए स्कैनर के जरिए संबंधित गाड़ी चालक या उसके मालिक से सीधे 20 हजार रुपए लिए जा रहे हैं। संबंधित रकम एसईसीएल गेवरा के खाते में जाने का पता चल रहा है। महंगाई के दौर में इस तरह की मनमानी हरकतें संगठन के साथ-साथ उसके सदस्यों के लिए बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। संगठन ने कहा है कि यह सब कैसे चल रहा है, समझ से परे है। संगठन ने सीएमडी से कहा है कि बूम बेरियर डेमेज चार्ज को कम करने के साथ वास्तविक मरम्मत खर्च का आंकलन करते हुए न्यूनतम राशि तय की जाए। ट्रक मालिकों को अनावश्यक आर्थिक नुकसान से बचाने का विचार भी हो। अगर इस विषय पर गंभीरतापूर्वक निर्णय नहीं होता है तो आंदोलन किया जाएगा।

Spread the word