स्वतंत्र फलस्तीन राष्ट्र की स्थापना से पहले हथियार नहीं डालेगा हमास

यरुशलम। हमास ने साफ कर दिया है कि स्वतंत्र फलस्तीन राष्ट्र की स्थापना से पहले वह हथियार नहीं डालेगा। राष्ट्र का अधिकार न मिलने तक हम सशस्त्र संघर्ष नहीं रोकेंगे। हम संप्रभु फलस्तीन राष्ट्र चाहते हैं जिसकी राजधानी यरुशलम हो।
विदित हो कि गाजा में 22 महीने से युद्ध छेड़े इजरायल की स्थायी युद्धविराम के लिए हमास को निशस्त्र करने की शर्त है। युद्धविराम के लिए मध्यस्थता कर रहे मिस्त्र और कतर ने हाल ही में हमास से हथियार डालने की अपील की थी। उनका उद्देश्य गाजा में स्थायी की भूमिका बनाना था लेकिन फलस्तीनी संगठन ने हथियार डालने से इनकार कर दिया है।
इजरायली फायरिंग में 44 लोग मारे गए
इजरायली सैनिकों की फायरिंग और हवाई हमलों में शनिवार को 44 लोग मारे गए। इनमें से 10 लोग दो राहत सामग्री वितरण केंद्रों के नजदीक फायरिंग में मारे गए जबकि 19 लोग राहत सामग्री के ट्रकों के इंतजार में खड़ी भीड़ में शामिल थे। दोनों घटनाओं में दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
खाने के इंतजाम के लिए निकलते हैं लोग
अमेरिकी संस्था जीएचएफ के वितरण केंद्र पहुंचे याह्या यूसेफ ने बताया कि खाने के लिए सुबह से भटकना रोज की बात हो गई है। अब बच्चे-बड़े सभी खाना पाने के लिए रोज तड़के टेंटों से बाहर निकलते हैं और रात तक भटकते रहते हैं। आपको बता दें कि सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की, कतर समेत 22 अरब देशों की सदस्यता वाली अरब लीग ने हमास के खिलाफ एकजुट होकर ऐसा रुख अपनाया है, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया था।
न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र की बैठक में पारित घोषणापत्र में पहली बार साफ-साफ कहा गया है-‘गाजा में युद्ध खत्म करने के लिए हमास को गाजा की सत्ता छोड़नी होगी, हथियार डालने होंगे और बंधकों को रिहा करना होगा।’ इस अप्रत्याशित रुख को यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों और 17 अन्य राष्ट्रों का भी समर्थन मिला है। प्रस्ताव में कहा गया है कि गाजा में शांति बहाली के लिए फिलिस्तीन अथॉरिटी को हमास के स्थान पर शासन सौंपा जाए। अस्थायी अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण मिशन तैनाती हो। घोषणापत्र में हमास के 7 अक्टूबर को इजराइल पर किए गए आतंकी हमले की भी सख्त निंदा की गई है।
फिलिस्तीन के समर्थन आस्ट्रेलिया- फिनलैंड
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि यदि उनकी सरकार फिलिस्तीन राष्ट्र के समर्थन के प्रस्ताव पर आगे बढ़ती है तो वह फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के लिए तैयार हैं। उधर, आस्ट्रेलिया के ट्रेजरर जिम चाल्मर्स ने कहा है कि उनकी सरकार टू-नेशन थ्योरी को इस समस्या का समाधान मानती है।
जर्मनी इजराइल को अलग नहीं पड़ने देगा
इसके पूर्व जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडफुल भी इजराइल और वेस्ट बैंक का दौरा किया है। रवाना होने से पहले उन्होंने साफ कहा कि दो-राष्ट्र समाधान ही इस संघर्ष का इकलौता रास्ता है। साथ ही वेडफुल ने कहा कि इजरायल को अलग-थलग होने से रोकना जर्मनी की जिम्मेदारी है।
गाजा में राहत
शुक्रवार को अमरीकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने इजराइल में अमरीकी राजदूत माइक हुकाबी के साथ गाजा का दौरा किया। दौरे के बाद हकाबी ने एक्स पर पोस्ट किया कि वे अमरीका- इजराइल समर्थित गाजा ह्यूमनिटेरियन फाउंडेशन के मदद स्थलों के बारे में सच्चाई जानने के लिए आए थे। हकाबी ने कहा, हमें इजराइली सेना के साथ जमीनी स्तर पर लोगों से बात की। यह एक अविश्वसनीय उपलब्धि है कि जीएचएफ एक दिन में दस लाख से ज्यादा लोगों को भोजन उपलब्ध कराता है।
