धरती पर लौटकर जब शुभांशु ने पत्नी को गले लगाया और बेटे को गोद में उठाया, लगा घर आ गया

स्पेस मिशन जादुई होते हैं, लेकिन उन्हें इंसान ही जादुई बनाता है
नईदिल्ली/ लखनऊ, एजेंसी। अंतरिक्ष में 18 दिन रहकर धरती पर लौटे लखनऊ के एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने बुधवार को पत्नी कामना और 6 साल के बेटे किआश से मुलाकात की। शुभांशु ने पत्नी को गले लगाया और बेटे को गोद में उठाया।
शुभांशु ने तस्वीरें शेयर करते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा- अंतरिक्ष की उड़ान अद्भुत होती है, लेकिन लंबे समय बाद अपनों से मिलना भी उतना ही अद्भुत होता है। धरती पर लौटकर जब परिवार को गले लगाया तो लगा कि जैसे घर आ गया।
शुभांशु ने पोस्ट के जरिए बताया- अंतरिक्ष में जाने से पहले वे 2 महीने क्वारंटीन थे। उन्हें परिवार से 8 मीटर की दूरी बनाकर रखनी होती थी। मेरे छोटे बेटे को बताया गया कि उसके हाथों में कीटाणु हो सकते हैं, इसलिए वह पापा को नहीं छू सकता। हर बार वह अपनी मां से मासूमियत से पूछता, ‘क्या मैं अब हाथ धोकर पापा को छू सकता हूं?
दरअसल, स्पेस स्टेशन जाने से पहले एस्ट्रोनॉट को क्वारंटीन किया जाता है, ताकि ISS में किसी तरह के कीटाणु न पहुंचें। एक्सियम मिशन 4 के तहत 25 जून को शुभांशु शुक्ला सहित चार एस्ट्रोनॉट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए थे।
26 जून को भारतीय समयानुसार शाम 4:01 बजे ISS पहुंचे थे। 18 दिन रहने के बाद 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट थे। कैलिफोर्निया के तट पर लैंडिंग हुई थी।
शुभांशु की परिवार से मुलाकात, 2 तस्वीरें…

शुभांशु ने पत्नी को गले लगाया। लिखा- लंबे समय बाद अपनों से मिलना भी उतना ही अद्भुत होता है

6 साल का बेटा किआश भी शुभांशु से लिपट गया।
शुभांशु ने लिखा- इंसान ही अंतरिक्ष को जादुई बनाते हैं
शुभांशु ने लिखा- आज ही किसी प्रियजन को खोजें और उन्हें बताएं कि आप उनसे प्यार करते हैं। हम अक्सर जीवन में व्यस्त हो जाते हैं और भूल जाते हैं कि हमारे जीवन में लोग कितने अहम हैं। स्पेस मिशन जादुई होते हैं, लेकिन उन्हें इंसान ही जादुई बनाता है।
