अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, महिला ने सुपारी देकर दोस्तों से ही कराई थी हत्या, महिला सहित चार गिरफ्तार

कोरबा 08 जुलाई। गत दिनों दो नंबर बस्ती सब स्टेशन मोगरा मैदान में एक अज्ञात व्यक्ति का लहूलुहान शव मिला था। मृतक की पहचान अश्वनी पाठक लगभग 38 वर्ष के रूप में की गयी थी, जो अयोध्यापुरी जेलगांव थाना दर्री का निवासी था। खून से लथपथ शव की सूचना पर पुलिस दल बल के साथ घटना स्थल पहुंची। घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी और उनके द्वारा दिए गए निर्देश पर आगे की कार्यवाही शुरू की। फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉड टीम को भी घटना स्थल पर बुलाया गया। बारीकी से जांच करने के बाद शव को पंचनामा कर पीएम के लिए भेज दिया गया।

घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितिन ठाकुर के मार्गदर्शन, नगर पुलिस अधीक्षक विमल पाठक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर मामले को गंभीरता से लेते हुए तफ्तीश शुरू की गई। घटनास्थल पर कुछ खास सुराग न मिलने की स्थिति में मामला पेचीदा लग रहा था। फिर टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल खंगालना शुरू किया, जिसके बाद मिले तथ्यों के आधार पर संदेहजनक व्यक्तियों से पूछताछ कर आगे बढ़े। पूछताछ के दौरान एक के बाद एक नया राज सामने आ रहा था, पर पुलिस ने कोई जल्दबाजी नहीं की। कॉल डिटेल और लोकेशन मिलने के आधार पर संदेह एक महिला पर गया, जो वर्तमान में दूसरी बीवी के रूप में मृतक के साथ रह रही थी। उससे पूछताछ शुरू की गई, फिर उसने एक के बाद एक राज बताना शुरू किया जिसमें दो लोगों के नाम सामने आए।
कड़ाई से पूछताछ करने पर यह बात सामने आई कि हत्या की साजिश मृतक की पत्नी अंजू पाठक ने रची थी, जिसने अपने पूर्व प्रेमी एकलव्य यादव उर्फ सीटू और अजय चौहान की मदद से पिंटू की हत्या करवाई। ये दोनों मृतक के सबसे करीबी दोस्त थे। इन्होंने उसको धोखे से बांकीमोंगरा सब स्टेशन के सामने मैदान में बुलाया और आते ही बेरहमी से चाकू से वार कर के हत्या कर दी थी। जांच में रंजीत सिंह मेहरा की संलिप्तता भी सामने आई, जो इस साजिश का साइलेंट पार्टनर था।

गिरफ्तार आरोपी –1. एकलव्य यादव उर्फ सीटू (20), निवासी इंदिरा नगर, जमनीपाली 2. अजय चौहान (32), निवासी इंदिरा नगर, जमनीपाली 3. अंजू पाठक (30), निवासी सीएसईबी कॉलोनी, दर्री 4. रंजीत सिंह मेहरा (50), निवासी सरगबुंदिया, थाना उरगा।

कोरबा पुलिस की सूझबूझ और संयुक्त प्रयासों ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी 48 घंटे में ही सुलझा दी। विशेष टीम में बांकीमोंगरा थाना प्रभारी चमन सिन्हा, दर्री थाना प्रभारी ललित चंद्रा, साइबर सेल एवं तकनीकी विश्लेषण टीम ने अपना अहम योगदान दिया।

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