महिला वकील को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 3.29 करोड़ की ठगी करने के मामले में तीन गिरफ्तार

पीड़ित ने 16 जून से 24 जून 2025 के बीच केनरा बैंक और ICICI बैंक खातों से कुल 5 बार RTGS के जरिए विभिन्न खातों में पैसा ट्रांसफर किया। जिनमें 63 लाख राजस्थान के वीपुल नगर, गोविंदगढ़ स्थित एक खाते में, 71 लाख केनरा बैंक खाते में, 93 लाख एमपी ग्लोबल और सिंग ट्रेडर्स के खातों में 87 लाख और 15.70 लाख आईसीआईसीआई बैंक खाते से आइस्वाल एंटरप्राइज और टीआर मोहन कुमार के खातों में भेजे गए हैं।

नईदिल्ली। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में रहने वाली एक वरिष्ठ महिला वकील को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर उनसे 3.29 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) प्रीति यादव ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 47 में रहने वाली बुजुर्ग महिला वकील ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके उनसे 3 करोड़, 29 लाख, 70 हजार रुपये की ठगी कर ली है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान दुपेंद्र सिंह, विनय समानिया और मनदीप के तौर पर हुई है। इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पुलिस तलाश कर रही है।

खबरों के अनुसार पीड़ित महिला वकील को 10 जून 2025 को लैंडलाइन नंबर पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके चार फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं, जिनका इस्तेमाल हथियारों की तस्करी, ब्लैकमेलिंग और गैंबलिंग जैसे अपराधों में किया गया है। पीड़ित को बताया गया कि वह इस मामले में क्लीन चिट के लिए एक नंबर पर संपर्क करें। जब उन्होंने दिए गए नंबर पर कॉल किया तो उन्हें डराया गया कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।

बाद में पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल कर फर्जी पुलिस स्टेशन से कॉल आया। एक आरोपी ने स्वयं को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ‘प्रवीण सूद’ बताया। पीड़ित को एक डिजिटल गिरफ्तारी वारंट भी भेजा गया और यह भरोसा दिलाया गया कि वह एक गंभीर अपराध में शामिल हैं। डर के मारे पीड़ित महिला ने किसी से बात नहीं की और ठगों के कहने पर अपना फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर दो खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया।

पीड़ित ने 16 जून से 24 जून 2025 के बीच केनरा बैंक और ICICI बैंक खातों से कुल 5 बार RTGS के जरिए विभिन्न खातों में पैसा ट्रांसफर किया। जिनमें 63 लाख राजस्थान के वीपुल नगर, गोविंदगढ़ स्थित एक खाते में, 71 लाख केनरा बैंक खाते में, 93 लाख एमपी ग्लोबल और सिंग ट्रेडर्स के खातों में 87 लाख और 15.70 लाख आईसीआईसीआई बैंक खाते से आइस्वाल एंटरप्राइज और टीआर मोहन कुमार के खातों में भेजे गए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने दो लव्यक्तियों शिवा प्रसाद और प्रदीप सावंत के नाम भी दिए। साथ ही एक व्यक्ति ने खुद को प्रवीण सूद बताकर उनसे संपर्क किया था।

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