कही-सुनी @ रवि भोई

कही-सुनी (01JUNE-25) : रवि भोई
छत्तीसगढ़ में सरकार और संगठन का काम अटका
जैन को मिलेगा। इस बीच भारत सरकार रिटायरमेंट की आयु 60 से बढाकर 62 वर्ष कर देती है तो अमिताभ जैन के लिए सोने पर सुहागा हो जाएगा।
अंबलगन और मंगई की केंद्र में पोस्टिंग
छत्तीसगढ़ कैडर के 2004 बैच के आईएएस अंबलगन पी और अलरमेल मंगई डी की भारत सरकार में पोस्टिंग हो गई है। अंबलगन पी को केंद्रीय कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है। अलरमेल मंगई डी आयुष मंत्रालय में संयुक्त सचिव होंगी। माना जा रहा है कि दोनों अफसर जून के दूसरे हफ्ते में छत्तीसगढ़ से रिलीव हो जाएंगे। अंबलगन पी छत्तीसगढ़ सरकार में सचिव संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक धर्मस्व हैं। अलरमेल मंगई डी के पास श्रम विभाग का प्रभार है। दोनों आईएएस के कार्यमुक्त होने के बाद मंत्रालय स्तर पर कुछ सचिवों के प्रभार बदल सकते हैं। वहीं सुशासन तिहार की रिपोर्ट के आधार पर कुछ कलेक्टर भी प्रभावित हो सकते हैं। अनुमान है कि लिस्ट छोटी ही रहेगी।
लटक गए सूर्यकांत तिवारी
कांग्रेस शासन में सुर्ख़ियों में रहने वाले कारोबारी सूर्यकांत तिवारी जेल से बाहर नहीं आ पाए। कोल स्कैम और अन्य मामलों में फंसे आईएएस समीर विश्नोई, रानू साहू और राज्य सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया समेत छह लोग महीनों बाद जेल से निकल आए। ये सभी कांग्रेस शासन में गड़बड़ी करने के आरोप में कांग्रेस का राज रहते ही ईडी की चपेटे में आए थे। जेल से रिहा होने के बाद ये छत्तीसगढ़ में नहीं रह पाएंगे। गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के चलते सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं। बताते हैं सूर्यकांत तिवारी को डीएमएफ मामले में जमानत नहीं मिल पाई, इस कारण इन लोगों के साथ वे जेल से बाहर नहीं आ पाए। डीएमएफ मामले में जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, तब तक तो सूर्यकांत को जेल में ही बिताना पड़ेगा।
अब आलोक चंद्रवंशी के भरोसे सूचना आयोग
राज्य सूचना आयोग में अब एकमात्र सूचना आयुक्त आलोक चंद्रवंशी रह गए हैं। मुख्य सूचना आयुक्त का पद करीब तीन साल से रिक्त है। सूचना आयुक्त नरेंद्र शुक्ला 21 मई को रिटायर हो गए। सूचना आयुक्त का एक पद पहले से खाली है। मुख्य सूचना आयुक्त और दो सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल ही रही थी कि पिछले दिनों छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का स्टे आ गया। अब मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति जल्द होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। पिछले दिनों मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा का नाम सामने आया था, पर कोर्ट के फैसले तक तो मामला लटक गया। ऐसे में सूचना आयुक्त आलोक चंद्रवंशी ही राज्य सूचना आयोग को चलाएंगे।
पीसीसी अध्यक्ष के लिए उमेश और देवेंद्र सुर्ख़ियों में
एक तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पैदल यात्रा और धरना-प्रदर्शन के जरिए राज्य में कांग्रेस को सुर्ख़ियों में बनाए रखने की कोशिश में हैं, वहीं उनको बदले जाने की भी सुगबुगाहट चल रही है। पहले प्रदेश अध्यक्ष के लिए पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का नाम चला। अब विधायक उमेश पटेल और देवेंद्र यादव का नाम चर्चा में है। देवेंद्र यादव अभी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और बिहार के प्रभारी हैं। उमेश पटेल ने पार्टी में अब तक कोई खास जगह नहीं बनाई है, जो कुछ है, वह उन्हें नंदकुमार पटेल के पुत्र के कारण मिला है। देवेंद्र यादव बिलासपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े। युवक कांग्रेस में खासे सक्रिय रहे, पर भाई धर्मेंद्र यादव पर निर्भरता चर्चा में रहता है। लेकिन उमेश पटेल और देवेंद्र यादव दोनों राहुल गांधी की पसंद के माने जा रहे हैं, इस कारण दोनों का नाम प्रदेश अध्यक्ष के लिए चर्चा में है।
(लेखक पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)
