भाजपा की किरकिरी: गौरीशंकर अग्रवाल जांच समिति का कोरबा आगमन 18 मार्च,मंगलवार को

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति चुनाव में छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी की भारी किरकिरी कराने वाली घटना की जांच के लिए गौरी शंकर अग्रवाल जांच समिति का मंगलवार को कोरबा आगमन होगा। यह समिति सर्व संबंधितों से पूछताछ कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश भाजपा के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

आपको बता दें कि नगर पालिका निगम कोरबा में 67 वार्डो से 45 पार्षद भाजपा की टिकट पर जीत कर आए थे। भारी बहुमत के बावजूद यहां से सभापति पद के अधिकृत भाजपा प्रत्याशी हितानंद अग्रवाल की बुरी तरह से हार हो गई। भाजपा के ही एक पार्षद नूतन सिंह ठाकुर ने बागी प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल कर ली। पार्टी प्रत्याशी की शर्मनाक हार और पार्टी में हुई सामूहिक कथित बगावत से सम्पूर्ण प्रदेश में भाजपा की किरकिरी हो गई। कोरबा के बाद अकलतरा, वाड्रफनगर सहित कुछ अन्य स्थानों पर भी इसी तर्ज पर पार्टी के पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग कर बहुमत के बावजूद पार्टी प्रत्याशियों को हरा दिया।

भाजपा को उसके अनुशासन के लिए जाना जाता है, परन्तु कोरबा की घटना ने उसकी इस छवि को तार- तार कर दिया। भाजपा ने सबसे पहले बागी सभापति को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके बाद कोरबा विधायक और प्रदेश के मंत्री लखनलाल देवांगन को शो- काज नोटिस जारी किया। पार्टी ने तीसरा महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को संयोजक नियुक्त कर तीन सदस्यों की जांच समिति गठित कर दी। यह समिति पूरे मामले की गहन जांच पड़ताल करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को प्रस्तुत करेगी।

भाजपा हल्के में व्याप्त चर्चा के अनुसार प्रदेश के मंत्री लखनलाल देवांगन और विकास महतो सहित भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ नूतनसिंह ठाकुर को न केवल प्रत्याशी बनाया, बल्कि पार्टी के पार्षदों को उसके पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित भी किया था। गौरीशंकर अग्रवाल जांच समिति जिला संगठन और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका की जांच करेगी। सूत्रों की माने तो संगठन को चुनौती देकर बागी उम्मीदवार को जीत दिलाने वाले सभी नेताओं और पार्षदों के खिलाफ सख्त अनुशासन की कार्रवाई के जाने की तैयारी है।

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