संसदीय सचिव के शिकायती पत्र से गरमाई कोरबा की राजनीति

न्यूज एक्शन। जिले के शासकीय भूमि पर व्यापक पैमाने में बेजा कब्जा कर आलीशान बिल्डिंग बना ली गई है। बेशकीमती शासकीय जमीनों पर किए गए बेजा कब्जा को लेकर जिले के जनप्रतिनिधि कम ही मुखर रहे हैं, लेकिन जब शासकीय जमीन पर बेजा कब्जा को लेकर व्यक्ति विशेष की शिकायत कोई जनप्रतिनिधि करता है तो सिसायत गरमाना लाजिमी है। जिले में संसदीय सचिव लखन लाल देवांगन के ऐसे ही एक शिकायती पत्र ने कोरबा की राजनीति गरमा दी है। जिले में बेतहाशा बेजा कब्जा के बाद भी संसदीय सचिव द्वारा व्यक्ति विशेष की शिकायत के क्या मायनें हैं इसका जवाब तलाशने में लोग जुट गए हैं। संसदीय सचिव को क्या जिलेभर में हुई बेजा कब्जा नजर नहीं आता? यह सवाल भी अब उठने लगा है। लखन के इस शिकायती पत्र के पीछे कहीं आपसी बैर तो नहीं? इसके भी कयास लगाए जाने वालों की कमी नहीं है।
संसदीय सचिव लखन लाल देवांगन ने उनके कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के दीपका ज्योतिनगर में कोल व्यवसायी विशाल अग्रवाल पिता दीनदयाल अग्रवाल द्वारा शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर आलिशान बिल्डिंंग बनाने की शिकायत कलेक्टर से की है। संसदीय सचिव ने जनाक्रोश का हवाला देकर कोल व्यवसायी के बेजा कब्जा को तोडऩे कलेक्टर को पत्र लिखा है। परंतु बात की जाए अगर दीपका ज्योतिनगर की तो यहां व्यापक पैमाने पर बेजा कब्जा कर शासकीय भूमि पर भवन बनाए गए हैं।
इसके अलावा कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भी शासकीय जमीनों पर बेजा कब्जा हुआ है। बात की जाए कोरबा शहर की तो यहां तो कई रसूखदारों के बेजा कब्जा चर्चित हैं। जिन पर आज तक शासन-प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पाया।
जिले की बेशकीमती शासकीय जमीनों पर हुए बेजा कब्जा से शायद संसदीय सचिव लखन लाल देवांगन भी भलीभांति वाकिफ होंगे। इसके बाद भी जिले के बेजा कब्जा की शिकायत करने के बजाए संसदीय सचिव ने एक कोल व्यवसायी के बेजा कब्जा को ही टारगेट किया है।
छ.ग. शासन के संसदीय सचिव होने के नाते जिलेभर के बेजा कब्जा को लेकर लखन को गंभीरता दिखाने की जरूरत है, लेकिन चुनावी साल में व्यक्ति विशेष के खिलाफ लखन की शिकायत ने कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। क्योंकि जानकार बताते हैं कि जिस क्षेत्र में बेजा कब्जा की शिकायत संसदीय सचिव द्वारा की गई है उस क्षेत्र में और भी लोगों ने बेजा कब्जा कर रखा है जिसमें कई रसूखदार भी यहां तक कि भाजपा से नाता रखने वाले लोग भी शामिल हैं।

भाजपा नेताओं पर उठ चुकी है उंगली
दीपका ज्योतिनगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पहले हो चुकी है। इस दौरान क्षेत्र के एक भाजपा नेता पर शासकीय जमीन पर बेजा कब्जा कर बेचे जाने का आरोप लगा थ। सूत्र बताते हैं कि ज्योतिनगर दीपका में व्यापक पैमाने पर बेजा कब्जा किया गया है। कुछ रसूखदारों ने भी यहां अपना कब्जा जमा रखा है, लेकिन ऐसे रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है। यहां तक की जिस भाजपा नेता पर आरोप लगे थे उसकी भी जांच नहीं हुई। क्योंकि भाजपा नेता के खिलाफ खुलकर लोग सामने आने में कतराते रहे हैं।
हो सकता है बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
सूत्र बताते हैं कि कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के एक भाजपा नेता के जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मामलों की फेहरिस्त लंबी है। जिसके खिलाफ शिकायत की खबर के साथ संबंधित थानों में एफआईआर की चर्चा भी बनी रहती है। दीपका थाने में उक्त भाजपा नेता के खिलाफ जमीन हेराफेरी के कई मामले दर्ज हैं। खास बात यह है कि यह भाजपा नेता पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र से टिकट भी मांग रहा है। भाजपा नेता आज भी एक उच्च पद में विराजमान है। बताया तो यह भी जाता है कि यह भाजपा नेता एक उद्योगपति के इशारे पर अपने समाज के लोगों का ही शोषण करने में लगा हुआ है। जिस पाली तानाखार सीट से यह भाजपा नेता टिकट की दावेदारी कर रहा है वह आदिवासी बाहुल्य है। ऐसे में इस नेता को अगर पार्टी टिकट देती है तो आदिवासियों का क्या भला होगा यह सहज ही समझा जा सकता है।
कहीं टिकट की राजनीति तो नहीं?
संसदीय सचिव लखन लाल देवांगन द्वारा जिस कोल व्यवसायी की शिकायत की गई है वह क्षेत्र के एक भाजपा नेता का करीबी माना जाता है। कोल व्यवसायी की उक्त भाजपा नेता के साथ विभिन्न मंच सांझा करने के साथ कार्यक्रमों की तस्वीरें मीडिया व सोशल मीडिया में वायरल होती रहती है। विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट वितरण की कवायद भाजपा आलाकमान कर रही है। जल्द ही प्रत्याशियों की सूची जारी होने की संभावना है। उक्त भाजपा नेता टिकट के दौड़ में पार्टी के दमदार प्रत्याशी माने जा रहे हैं। संभवत: भाजपा उन्हें कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से टिकट भी दे सकती है। ऐसे में लखन लाल देवांगन के शिकायती पत्र को उक्त भाजपा नेता की छवि धूमिल करने के रूप में एक हथकंडा राजनीतिक पंडित मान रहे हैं। लखन ने कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना की तर्ज पर उक्त भाजपा नेता की टिकट काटने की तैयारी की है, ऐसी चर्चाओं का बाजार गर्म है।


ये है संसदीय सचिव की शिकायत
संसदीय सचिव ने कलेक्टर को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि विशाल अग्रवाल पिता दीनदयाल अग्रवाल जो कोयले का बड़ा व्यापारी है। जिसके द्वारा ज्योति नगर दीपका में शासकीय भूमि खसरा नं. 572/1 जो कि बड़े झाड़ के जंगल में दर्ज है। जिस पर बड़ी इमारत बनाकर बेजा कब्जा किया गया है। गरीब वर्ग द्वारा बेजा कब्जा आवश्यकतानुसार समझ में आता है लेकिन इतने बड़े कोयला व्यापारी द्वारा बेजा कब्जा किए जाने से क्षेत्र के गरीब वर्ग में आक्रोश व्याप्त है। अत: गरीब वर्ग के भावनाओं के अनुरूप जनहित में कोल व्यवसायी विशाल अग्रवाल के शासकीय भूमि पर किए गए बेजा कब्जा को हटाने की मांग उन्होंने की है। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री डॉ.ॅ रमन सिंह, राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, वन मंत्री महेश गागड़ा एवं कटघोरा अनुविभागीय अधिकारी को प्रेषित की गई है।

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