बिजली चोरी मामले में जमानत के लिए फर्जी पट्टा पेश किया, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जुर्म दर्ज किया

कोरबा. बिजली चोरी के एक केस में जमानत के लिए कोरबा के स्पेशल कोर्ट में जाली पट्टा पेश करने का मामला सामने आया है। जांच में पट्टा जाली होने पुष्टि पर सत्र न्यायालय ने सख्त कदम उठाया है। पट्टा पेश करने के आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की तीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

इस मामले का खुलासा होने के बाद कोर्ट में जाली पट्टा पेश करने वाले आरोपी की नींद उड़ गई है। उस पर गिरफ्तारी की तलवार की लटक रही है। वहीं इस काम में आरोपी की मदद करने वालों पर भी आने वाले दिनों में पुलिस कड़ी कार्रवाई कर सकती है। बताया जाता है कि विद्युत अधिनियम से संबंधित एक केस की सुनवाई कोरबा के स्पेशल कोर्ट जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही है। इस मामले में बिजली कंपनी ने बेवी शर्मा को आरोपी बनाया है। बेबी ने अपनी जमानत के लिए कोरबा के सत्र न्यायालय में याचिका दायर किया। इसपर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बेबी को जमानत देते हुए जमानत के तौर पर पांच हजार रुपए का पट्टा पेश करने कहा। पिछले साल 16 दिसंबर को बेबी की जमानत लेने के लिए डुमरडीह निवासी जीवन दास पट्टा लेकर स्पेशल कोर्ट में उपस्थित हुआ। ऋण पुस्तिका का नंबर 314955 था, जो भैसमा तहसील कार्यालय से जारी हुआ था। ऋण पुस्तिका को देखकर कोर्ट को संदेह हुआ। न्यायाधीश ने जांच के दौरान भैसमा के अतिरिक्त तहतसीलदार ने कोर्ट को बताया कि इस नंबर ऋण पुस्तिका जारी नहीं हुई है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया। कोर्ट में जाली पट्टा पेश करने वाले आरोपी पर केस दर्जकर जांच करने के लिए कहा। कोर्ट के आदेश पर न्यायालय के नाजीर दिनेश टेंगवार की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाना में भारतीय दंड सहिता की धारा 318 (2) (धोखाधड़ी), 336 (3) (धोखाधड़ी से जाली दस्तावेज तैयार करना), 340 (2) (जाली दस्तावेज का असली की भांति उपयोग) के तहत केस दर्ज किया गया है।

कोरबा और पाली के न्यायालय में पेश हो चुका है जाली पट्टा

जमानत लेने के लिए पहले भी जाली पट्टे का सहारा लेने से संबंधित खबरें सामने आई है।

इसके पहले पाली और कोरबा के न्यायालय में भी जाली पट्टा पेश कर जमानत लेने का मामला सामने आया था। उस समय भी पुलिस ने केस दर्ज किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। बावजूद इसके जाली पट्टा पेश करने के मामले सामने आ रहे हैं। बताया जाता है कि न्यायालय में एक गिरोह सक्रिय है, जो इस तरह की गतिविधियों में शामिल है।

ऋण पुस्तिका का सत्यापन कराया। पुष्टि हुई कि इसी ऋण पुस्तिका से एक जनवरी, 2026 को एक अन्य मामले में आरोपी जागेश्वर सिंह की जमानत लेने के लिए पेश किया गया था।

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