DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ राज्यपाल डेका से हुई शिकायत, निलंबन के साथ अचल-चल संपत्ति की जांच की मांग भी की गई

रायपुर। सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने अब DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ राज्यपाल डेका से शिकायत की है. निलंबन की कार्रवाई के साथ अचल-चल संपत्ति की जांच की मांग की है, कुणाल शुक्ला ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इस प्रकरण में निम्न कार्रवाई अविलंब की जाए-

# उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र, उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित की जाए।

# डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित किया जाए तथा संबंधित सभी पुलिस अधिकारियों को जांच पूर्ण होने तक गैर-प्रभावी पदों पर रखा जाए।

# आयकर विभाग, ईडी और एसीबी/लोकायुक्त को मामले में शामिल कर अचल व चल संपत्ति की विस्तृत जांच कराई जाए।

# विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही तत्काल शुरू की जाए।

उल्लेखनीय है कि रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन ने अक्टूबर महीने में खम्हारडीह थाना में शिकायत की थी। शिकायत पर टंडन ने आरोप लगाया था, कि डीएसपी और उनके परिजनों पर पैसे, गाड़ी और ज्वैलरी लिए।अब उनके द्वारा सामान को वापस नहीं किया गया। कारोबारी की शिकायत पर खम्हारडीह पुलिस ने एक्शन नहीं लिया, तो कारोबारी ने मीडिया को पूरे मामले की जानकारी दी। मीडिया में मामला आने के बाद खम्हारडीह पुलिस ने मामले में जांच शुरू की है, लेकिन पूरे मामले में खम्हारडीह पुलिस के जिम्मेदारी अधिकृत जानकारी देने से बच रहे थे।

आपको बता दें कि रायपुर के एक कारोबारी ने छत्तीसगढ़ पुलिस की डीएसपी कल्पना वर्मा पर ‘लव ट्रैप’ का गंभीर आरोप लगाया है। कारोबारी का आरोप है कि महिला डीएसपी को उसने करीब दो करोड़ रुपए दिए हैं। इसके अलावा डायमंड रिंग, सोने की चेन और एक गाड़ी भी दिए हैं। उनका आरोप है कि उसने एक होटल की रजिस्ट्री भी कल्पना वर्मा के भाई के नाम पर किया है। व्यापारी दीपक टंडन और उनकी पत्नी ने इस संबंध में रायपुर के खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इधर, डीएसपी के भाई ने भी व्यापारी के खिलाफ खम्हारडीह थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों तरफ से की गई इस शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।
व्यापारी टंडन ने प्यार का जाल बुनकर ब्लैकमेलिंग, रिश्वत और धमकी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात साल 2021 में डीएसपी से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों एक दूसरे के करीब आते गये। दंपत्ति का आरोप है कि इस रिश्ते के दौरान डीएसपी लगातार पैसों की मांग करती रहीं। उन्होंने दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम डीएसपी को दी। इतना ही नहीं कारोबारी ने वीआईपी रोड स्थित एटमॉस्फेरिया होटल को डीएसपी के भाई के नाम पर रजिस्टर करवा दिया। उनका आरोप है कि पैसों का दबाव इतना बढ़ गया कि इसके लिए उन्होंने काफी मोटी रकम भी चुकाई। बाद में डीएसपी वर्मा ने 30 लाख रुपए लगाकर उस होटल को अपने नाम करवा लिया।

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