ताजमहल में ही मौजूद हैं शाहजहां और मुमताज की असली कब्रें, जानिए कहां सोएं हैं- अमर प्रेमी.?

नईदिल्ली/ आगरा। दुनियां के लिए प्रेम का प्रतीक कही जाने वाली विश्व धरोहर ताजमहल हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसमें क्या कुछ है, इसे लेकर समय-समय पर बात होती रहती है और दावे भी किए जाते रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ताजमहल के ऊपरी हिस्से में जो चमकती हुई कब्रें दिखाई जाती हैं वे असली नहीं हैं।
दरअसल ताजमहल को लेकर इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बताया गया है कि ताजमहल के भीतर भी एक ऐसा हिस्सा है, जहां आम लोगों का पहुंचना बेहद मुश्किल होता है। वायरल वीडियो में इसी रहस्यमयी हिस्से की झलक दिखाने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि पर्यटकों को आमतौर पर शाहजहां और मुमताज की नकली कब्रें यानी ‘सिनोटैफ’ दिखाई जाती हैं। ये खूबसूरती से नक्काशीदार संगमरमर की कब्रें ताजमहल के मुख्य हॉल में स्थित हैं। लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि असली कब्रें इसके ठीक नीचे बने एक भूमिगत कक्ष में हैं, जहां आम जनता को रोज़ाना जाने की इजाज़त नहीं होती।
वायरल वीडियो में दावा किया गया है, कि छोटे दरवाजे से उतरकर तहखाने में स्थित असली कब्र तक पहुंचा जा सकता है। यहां सजावट और नक्काशी नहीं, बल्कि सादगी देखने को मिलती है। माहौल भी अपेक्षाकृत शांत और अंधेरा है। हालांकि इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई कि वीडियो में दिखाई गई कब्रें असली हैं या फिर वही सिनोटैफ।
कब खुलती है असली कब्र?
ताजमहल के तहखाने में मौजूद असली कब्र साल में केवल एक बार, शाहजहां-मुमताज के उर्स के अवसर पर आम लोगों के लिए खोली जाती है। इसी दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचकर असली कब्रों के दर्शन कर पाते हैं। वायरल हुए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे देखकर हैरान हैं तो कुछ यूजर्स ने कहा कि ऐसे वीडियो साझा करते समय स्मारक की सुरक्षा और उसकी मर्यादा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
