गेरांव गांव अनूठी कृषि पद्धति के लिए सुर्खियों में, खेती के लिए मिला प्रकृति वरदान

कोरबा 08 मई। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित गेरांव गांव अपनी अनूठी कृषि पद्धति के कारण सुर्खियों में है। घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे इस गांव के लोग मानते हैं कि उनके गांव में कभी अकाल नहीं पड़ सकता। यहां के लोगों को प्रकृति का वरदान मिला हुआ है। यहां पहाड़ से निकलने वाला पानी साल भर किसानों के खेतों को हरा-भरा रखता है।

यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। इसकी असली पहचान यहां की सालभर चलने वाली खेती है। गर्मी के दिनों में जब आसपास के इलाकों में पानी की कमी से त्राहिमाम मची होती है तब गेरांव के खेत हरे-भरे लहलहाते रहते हैं। गांव के किसान खेम सिंह राठिया बताते हैं कि गेरांव के किसान साल भर खेती करते हैं। इसका मुख्य कारण है यहां पानी की सुविधा। गेरांव गांव, बिठराही पहाड़ के नीचे बसा हुआ है। यह पहाड़ ग्रामीणों के लिए देवतुल्य है। पहाड़ से निकलने वाला पानी एक छोटे से नाले का रूप लेकर गांव के भीतर आता है और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराता है।

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