कलेक्टर के आदेश की खुली अवहेलना, प्रतिबंधित रास्ते पर बेखौफ़ दौड़ रहे वाहन

लोक सुरक्षा के लिए प्रशासन ने बनायी थी व्यवस्था
कोरबा 12 जुलाई। शहर के मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर से लेकर पब्लिक ट्रंासपोर्ट ही नहीं बल्कि भारी वाहन भी बेखौफ दौड़ रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि एक महीने पहले जिलाधीश ने एक आदेश जारी कर शहर के समस्याग्रस्त मुख्य मार्ग पर ऐसे वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बावजूद वाहनों का लगातार इन रास्तों पर चलना यह बताता है कि या तो आदेश बेमानी हो गया है या फिर अधिकारियों पर ट्रांसपोर्ट आपरेटर हावी हैं।
पिछले 19 जून को कोरबा कलेक्टर के द्वारा आदेश क्रमांक 632/जि.प.अ./ 2026 जारी करते हुए कहा गया था कि डीएसपी ट्रैफिक के पत्र क्रमांक 317 दिनांक 10.05.2025 पर ध्यान दिया गया। इसके अनुसार कोरबा नगर के पीएच रोड स्थित नहरपुल से नया बस स्टैंड चौक, टीपी नगर चौक तथा बसों एवं ट्रैक्टर के संचालन से नहरपुल के पास ट्रैफिक पुल में जाम जैसी स्थिति निर्मित होती है, जिसे सुधारना जरूरी हो गया है। इस हेतु सीएसपी की अध्यक्षता में 19 मई 2025 और एसडीएम कोरबा की अध्यक्षता में 30 मई 2025 को बैठक रखी गई। इस मौके पर बस यूनियन के पदाधिकारियों एवं अन्य पक्षों द्वारा दी गई सहमति द्वारा छग मोटरयान अधिनियम 1994 के नियम 2015 की प्रद्दत शक्तियों का उपयोग करते हुए लोक सुरक्षा की दृष्टि से नहरपुल से नया बस स्टैंड, टीपी नगर चौक तक बस और ट्रैक्टरों के संचालन को शाम 5 बजे से पूरे दिवस तक प्रतिबंधित किया जाता है। प्रतिबंध के पश्चात बस और ट्रैक्टरों के आवागमन के लिए नया रूट तय किया गया। चांपा की ओर से आने जानी वाली बसें ओव्हर ब्रिज से अग्रसेन चौक, रायताखार से स्टेडियम रोड होते हुए बस स्टैंड पहुंचेगी। जबकि बिलासपुर हरदीबाजार से आने वाली बसे सर्वमंगला पुल से रायताखार बायपास होते हुए स्टेडियम रोड से बस स्टैंड जाएंगी। यह तो हुआ आदेश जिसका कोई पालन हो ही नहीं रहा है। सुबह से लेकर रात्रि तक ऐसे मामलों का संचालन पिछली व्यवस्था के अनुसार ही जारी है। ये नमूने शहर के हर हिस्से में नजर आ रहे हैं। इनके कारण व्यवस्था बिगड़ रही है और आये दिन हादसे हो रहे हैं। सवाल इस बात का है कि अगर आदेश प्रशासन की ओर से जारी किया गया तो क्या इसे फालो करना जरूरी नहीं है या फिर आदेश अनुपयोगी हो गया है।
प्रशासन के द्वारा पिछले वर्ष ली गई बैठक के बाद निर्णय लिय गया था कि ईंट, मिट्टी, रेत, सीमेंट व अन्य प्रकार के निर्माण सामाग्री को लेकर शहर के अंदर प्रवेश करने वाले ट्रैक्टर विकल्प के अनुसार सीतामणी से ओव्हरब्रिज होकर रायताखार, तुलसी नगर, स्टेडियम रोड होते हुए सीएसईबी चौक होते हुए निहारिका की ओर परिवहन कर सकेंगे। वापसी में भी इनका यही मार्ग होगा। लेकिन देखने को मिल रहा है कि ऐसा कुछ है ही नहीं। शहर के मुख्य मार्ग से ऐसे वाहन धड़ल्ले से चल रहे है।
