तान नदी में बहा अस्थायी एप्रोच रोडः एनएच-130 पर बढ़ी परेशानी, जर्जर पुल से कराया जा रहा आवागमन

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल, बारिश के बीच सुरक्षित व्यवस्था की मांग

कोरबा 12 जुलाई। जिले में पिछले 48 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर भी दिखाई देने लगा है। कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर गुरसिया स्थित तान नदी के पास बनाया गया अस्थायी एप्रोच रोड तेज बहाव में बह गया, जिससे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है। फिलहाल प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही पुराने पुल से शुरू कराई है, लेकिन इसकी जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर गुरसिया में तान नदी पर बने पुराने पुल की मरम्मत का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए पुल के समीप लाखों रुपये की लागत से अस्थायी एप्रोच रोड तैयार किया गया था। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा और तेज बहाव में यह वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
एप्रोच रोड बह जाने के बाद प्रशासन ने फिलहाल पुराने पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी है। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस पुल की मरम्मत अभी जारी है, उस पर भारी वाहनों का संचालन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। लोगों का कहना है कि पुल पहले से ही जर्जर है और लगातार बढ़ते दबाव से उसकी स्थिति और खराब हो सकती है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अस्थायी एप्रोच रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद पहली ही तेज बारिश में सड़क बह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानसून अभी जारी है और आने वाले दिनों में बारिश और बढ़ सकती है। ऐसे में यदि जल्द सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई तो राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो सकता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग-130 छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े और भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में पुलों और वैकल्पिक मार्गों की मजबूती तथा समय पर रखरखाव सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है, ताकि बारिश के मौसम में भी आवागमन सुरक्षित और निर्बाध बना रहे।

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