वनमंडल कोरबा में 3 लाख पौधे हुए तैयारः वर्षाकाल में होगा रोपण, 20 प्रजाति को किया गया शामिल

कोरबा 01 जून। पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाने के लिए वनमंडल कोरबा में सघन वनीकरण पर काम किया जाना है। वन विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रबंध किया है। केन्द्रीय रोपणी सहित अन्य स्थानों पर पौधों को तैयार किया गया है। मापदंड के तहत कोरबा वनमंडल में ये पौधे लगाए जाएंगे।
वनमंडल के अंतर्गत इन पौधों को लगाने के लिए वन विभाग ने जमीन का चिन्हांकन कर रखा है। कोरबा, लेमरू, बालको नगर सहित अन्य नगर रेंज में ये पौधे लगाए जाने प्रस्तावित है। एसडीओ सूर्यकांत सोनी ने बताया कि करंज, साजा सहित 20 प्रजातियों को इनमें शामिल किया गया है। इन्हें वानिकी का प्रमुख हिस्सा बताया गया है। पर्यावरण के साथ आर्थिकी और औषधी महत्व को भी इसमें वरियता दी गई ताकि ये पौधे विकसित होने के साथ अपना महत्व साबित कर सके। वन विभाग की कोशिश इस बात को लेकर भी है कि जिन क्षेत्रों में पौधे लगाए जाने है वहां पर्यावरण की स्थिति को आदर्श बनाने के साथ अलग-अलग स्तर पर इनके सकारात्मक प्रभाव तय किये जा सके। विभागीय अधिकारी ने बताया कि हम अपने स्तर पर पौधे तो लगाएंगे ही, विभिन्न विभागों, उपक्रमों और जन सामान्य को भी इस अभियान से जोड़ेंगे। इसके लिए लोगों को ये पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराये जाने है। बीते वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों के निःशुल्क स्तर पर सुविधा दी गई है और इस बार भी ऐसा होना है। वन विभाग ने कहा कि जब सामुहिक रूप से इस तरह की कोशीश होती है तो इसके बड़े नतीजे सामने आते हैं।
औषधीय पौधों के वितरण पर जोर
दूसरी ओर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट और पंतजलि परिवार बीते वर्षों से कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में जून के महीने में लोगों को औषधीय पौधों का वितरण करता रहा है। जड़ी बुटियों की उपयोगिता और इससे होने वाले फायदे लोगो को बताने का काम भी वह कर रहा है। बताया गया कि इस प्रयास से लोगों में जागरूकता पैदा की है। लोगों ने भी स्वीकार किया कि आयुर्वेद से संबंधित पेड़ पौधे जन स्वास्थ्य के लिए काफी अहम है और इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
