क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा भारत

नई दिल्ली. भारत अगले सप्ताह क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। क्वाड में भारत, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। यह बैठक 26 मई को नई दिल्ली में आयोजित होगी और इसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे।

ऊर्जा संकट, सप्लाई चेन होंगे मुख्य मुद्दे

क्वाड की बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से पूरी दुनिया प्रभावित है। ऊर्जा संकट मुहाने पर है और ईरान-अमरीका किसी समहति पर नहीं पहुंच सके हैं। बैठक में अमरीकी के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग और जापान के विदेश मंत्री तोशीमित्सु मोतेगी हिस्सा लेंगे। सप्लाई चेन का मुद्दा और ईंधन की आपूर्ति मुख्य विषय होंगे। चारों विदेश मंत्री दुनिया के सामने मौजूद बड़े संकटों पर चर्चा करेंगे। इसमें खासतौर पर यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

हिंद- प्रशांत में चीन को रोकने पर रहेगा जोर

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामक गतिविधियों और वहां की सुरक्षा स्थिति की भी समीक्षा इस बैठक में होगी। चारों विदेश मंत्री इस बात पर विचार करेंगे कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को और कैसे मजबूत किया जाए। इन नेताओं के प्रधानमंत्री नरेंद्र से भी मिलने की संभावना है। विदेश मंत्री जयशंकर के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें होंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक में क्वाड सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की जाएगी और हिंद प्रशांत क्षेत्र से जुड़े हालिया घटनाक्रमों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।

भारत है इस साल क्वाड का अध्यक्ष

भारत इस समय क्वाड समूह का अध्यक्ष देश है। क्वाड पिछले कुछ वर्षों में हिंद-प्रशांत में शांति, सुरक्षा बनाए रखने के लिए रणनीतिक समूह के रूप में उभरा है। अगले सप्ताह होने वाली बैठक इस साल भारत में संभावित रूप से होने वाले क्वाड समिट के एजेंडे को तय करेगी।

समुद्री सुरक्षा, कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा

पिछले कुछ वर्षों में क्वाड ने समुद्री सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं। इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र की बड़ी चुनौतियों से निपटना है। है। साल 2024 में अमरीका में हुए पिछले क्वाड समिट में चारों देशों के नेताओं ने हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए कई बड़े कदमों की घोषणा की थी। अब इनकी समीक्षा होगी।

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