September 10, 2026
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ईरान: ट्रंप और नेतन्याहू के उभरे मतभेद, फोन पर एक घंटे हुई बात

वाशिंगटन. अमरीका के राष्ट्रपतिडॉनल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मंगलवार को फोन कॉल पर ईरान युद्ध पर मतभेद खुलकर सामने आए। अमरीकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों इस बात पर एकमत नहीं हैं कि ईरान के खिलाफ आगे क्या कदम उठाया जाए। नेतन्याहू ईरान पर दोबारा सैन्य हमले चाहते हैं, वहीं ट्रंप समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। ट्रंप ने मंगलवार को ही ऐलान किया था कि खाड़ी देशों के अनुरोध पर नए हमले रोक दिए गए हैं।

बातचीत की प्रक्रिया से नेतन्याहू नाराज बताए जा रहे हैं। मंगलवार की बातचीत में नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि प्रस्तावित हमलों को टालना गलती होगी। एक घंटे चली इस बातचीत में नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने पर जोर दिया। पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि उन्होंने नेतन्याहू से क्या कहा था, तो ट्रंप ने जवाब दिया, ‘वह वही करेंगे जो मैं चाहूंगा।’

अराघची पाकिस्तान के मंत्री से मिले

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस सप्ताह तेहरान की दूसरी यात्रा पर पहुंचे पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसीन नकवी से मुलाकात की। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने नकवी के साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और अमरीका से चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता की स्थिति पर चर्चा की।

ईरान फिर तेजी से बना रहा ड्रोन-मिसाइलें

ईरान ने युद्धविराम के दौरान ही अपने ड्रोन उत्पादन को फिर से शुरू कर दिया है। अमरीकी खुफिया आकलनों से परिचित दो सूत्रों ने बताया कि हमलों से कमजोर हुई सैन्य क्षमताओं को ईरान तेजी से दोबारा खड़ा कर रहा है। इन सैन्य क्षमताओं में मिसाइल साइट्स, लॉन्चर और अहम हथियार प्रणालियों के उत्पादन ढांचे को फिर से तैयार करना शामिल है। अगर ट्रंप दोबारा ईरान छह महीने में ड्रोन हमला क्षमता बहाल कर सकता है।

‘यूरेनियम बाहर नहीं जाने देंगे’

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने आदेश दिया है कि देश में मौजूद लगभग हथियार-योग्य समृद्ध यूरेनियम का भंडार ईरान के भीतर ही रहना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की प्रमुख मांग को खारिज कर दिया है। ईरान के शीर्ष अधिकारी मानते हैं कि यूरेनियम पर नियंत्रण छोड़कर इसे विदेश भेजना सुरक्षा को कमजोर करेगा।