नियम के विरोध में बंद रही दवा दुकानें, सरकार तक पहुंचाया संदेश-सिरोठिया

कोरबा 20 मई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डॉक्टर प्रिसक्रिप्शन और ऑनलाइन मेडिसिन सप्लाई जैसे कई प्रकार के ऑप्शन के विरोध में कोरबा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में आज दवा दुकान बंद रही। छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर जिला संगठन ने समर्थन किया।
1 महीने पहले ही इस बारे में अखिल भारतीय स्तर पर निर्णय लिया गया था और सरकार को अगले कदम की सूचना दी गई थी। जिला औषधि विक्रेता संगठन के अध्यक्ष उमेश सिरोठिया बताया कि हमारे कारोबार को लेकर कई प्रकार की शिथिलताएं ऑनलाइन मामले में दी गई है। जिससे असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। इसके साथ ही दवाओं के दुरुपयोग की संभावना भी बढ़ गई है। विक्रेता संघ का कहना है कि ऑनलाईन दवा विक्रय की व्यवस्था से प्रतिबंधित सामाग्रियों की बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है। इस मामले में वैध प्रिस्क्पिशन की आवश्यकता ही नहीं है। दवा लेने वाला वर्ग जो कंटेंट देता है उसे ही सच मान लिया जा रहा है। ऐसे में यह सेवा नियम और उपयोगिता पर सवाल खड़े करता है। सिरोठिया ने कहा कि कई प्रकार की अर्हताओं की पूर्ति के बाद दवा दुकानें शुरू की जा रही है और उनमें फार्मासिस्ट की डिग्रीधारक का होना जरूरी है। इसके ठीक उल्टे ऑनलाइन फार्मेसी के मामले विरोधभाष को पैदा करते हैं।
संगठन के आह्वान पर जिले में आज सभी दवा दुकानें बंद रहीं। इसके जरिए हमारी मांगों को समर्थन प्राप्त हुआ। सरकार तक सही संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने फिर से इस बात को दोहराया है कि एनडीपीएस के साथ-साथ सभी तरह की प्रतिबंधित दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन होगा। याद रहे जिला औषधी विक्रेता संघ की हड़ताल के दृष्टिगत प्रशासन ने जन औषधी केंद्रों के संचालन का विकल्प दिया था। इसके अलावा सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यकता वाले दवाओं की उपलब्धता कराई गई।
