जबलपुर के बरगी बांध में हादसे का शिकार हुआ क्रूज, पानी में डूबकर कई पर्यटकों की मौत, प्रशासन चला रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिला स्थित नर्मदा नदी में बनाए गए बरगी बांध में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हुआ है. डैम में पर्यटकों से भरी एक क्रूज अचानक डूब गई. सभी नौका विहार के लिए कूज पर सवार थे. जब क्रूज डैम के बीच गई, तभी तेज हवाएं चलने लगी. इस वजह से क्रूज असंतुलित होकर डैम में डूब गयी. स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू का काम शुरू कर दिया है, फिर भी कई लोग लापता है. बताया गया है कि क्रूज में 35 लोग सवार थे, जिनमें से कई की डूबकर मौत हो गई है।
ज्ञात हो कि नर्मदा पर बना बरगी डैम जबलपुर का एक पॉपुलर टूरिस्ट स्पॉट है. मध्य प्रदेश टूरिज्म के वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, बरगी बांच साल भर खुला रहता है. यहां की नौका विहार यहां की मुख्य एक्टिविटी और आकर्षण है, जो बांध में पर्याप्त जलस्तर और कम बारिश होने पर ही संभव है. अक्टूबर से अप्रैल तक बरगी बांध घूमने के लिए सबसे अच्छा समय होता है. इस दौरान मौसम साफ रहता है। डैम में पर्याप्त पानी होता है. फिर भी अचानक मौसम में आए बदलाव की वजह से आज दुर्घटना हो गई.
आपको बता दें कि बरगी डैम का निर्माण 1974 में शुरू हुआ और 1990 में पूरा हुआ. इस परियोजना को पूरा होने में लगभग 16 वर्ष लगे. इस प्रक्रिया के दौरान, बड़ी संख्या में गांवों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया था. क्योंकि वे बैकवाटर कैचमेंट क्षेत्र में स्थित हैं. बांध का पानी जबलपुर, मंडला और सिवनी जिलों के क्षेत्रों में फैला हुआ है. मुख्य डैम बरगी गांव के पास स्थित है. इस वजह से इसका नाम बरगी डैम पड़ा है. यह गांव एनएच-7 के पास है, जो जबलपुर-नागपुर को जोड़ता है. इस डैम का इस्तेमाल सिंचाई परियोजनाओं और 90 मेगावाट क्षमता की पनबिजली उत्पादन में किया जाता है. बरगी डायवर्जन योजना के लागू होने से सिंचाई क्षेत्र बढ़कर 4370 वर्ग किलोमीटर हो गया है. बरगी बांध से निकलने वाली नहरें कई जिलों को पानी की आपूर्ति कर रही हैं और नहरों पर काम अभी भी जारी है.
सिंचाई और बिजली उत्पादन के अलावा, इस बांध का इस्तेमाल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी किया जाता है. बरगी बांध का बैकवाटर एक विशाल झील का निर्माण करता है जिसमें पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं. इसी वजह से मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने बरगी डैम में नौकाविहार, रिजॉर्ट और अन्य सुविधाएं शुरू की है. इसी के तहत डैम में नौका विहार और क्रूज का संचालन होता है.
बरगी बांध की ऊंचाई 69 मीटर और लंबाई 5.4 किलोमीटर है. इसका बैकवाटर 75 किलोमीटर लंबी और 4.5 किलोमीटर चौड़ी झील का निर्माण करता है. बांध का निर्माण 105 मेगावाट (वर्तमान में 90 मेगावाट (2×45 मेगावाट)) पनबिजली उत्पादन और 2980 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है.
