कोरबी धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक ने किया जहर का सेवन, आईसीयू में भर्ती

कोरबा 02 अपै्रल। जनजातीय समुदाय से आने वाले राजेंद्र विंध्यराज ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इसके रसायनिक प्रभाव से उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे कटघोरा लाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आईसीयू में उसे रखा गया है। घटना को लेकर अलग-अलग बातें हो रही है। पुलिस ने बयान लेने के बाद आगे की कार्यवाही करने की बात कही है।

पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के कोरबी से यह मामला जुड़ा हुआ है। पीडित राजेंद्र यहां पर संचालित सरकारी धान खरीदी केंद्र का प्रबंधक है। उसकी निगरानी में वर्ष 2025-26 में आसपास के किसानों की धान उपार्जित की गई। व्यवस्था के अंतर्गत पर्याप्त संख्या में हमाल भी रखे गए। इसके अलावा कर्मियों ने भी सहयोग दिया। कोरबी केंद्र में दूसरी मंडियों की तरह 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान की खरीदी हुई। पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में कोरबी का नाम बड़े उपार्जन केंद्र के रूप में दर्ज है। ऐसे में इसके सामने कई प्रकार की चुनौतियां भी हैं।

सूत्रों के अनुसार धान खरीदी सीजन में कई प्रकार की उलझनों का सामना कोरबी केंद्र के स्टाफ को करना पड़ा। हर स्तर पर सूचना देने के बाद भी समाधान के रास्ते नहीं निकल सके और देखते-देखते सीजन पार हो गया। अपुष्ट जानकारी में कहा जा रहा है कि उपार्जन की अंतिम तारीख के लंबे समय बाद भी यहां से शत्-प्रतिशत धान का उठाव नहीं हो सका। इस कारण परेशानियां थी। उठाव न होने की स्थिति में भुगतान बाधित होता है जबकि समितियों को मिलने वाली राशि से ही कर्मियों के भुगतान और अन्य खर्चे समायोजित होते हैं। कहा जा रहा है कि राजेंद्र के सामने दिक्कतें थी। कयास लगाया जा रहा है कि उसने इस वजह से टेंशन में आकर जहरीले पदार्थ का सेवन किया, लेकिन अंतिम रूप से इसक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि परिजनों ने बताया कि आज सुबह अचानक उसकी हालत खराब हो गई। उल्टी करने पर हम लोग भयभीत हो गए। स्थानीय अस्पताल से उपचार कराया गया। प्राथमिक चिकित्सा के बाद डॉक्टर ने आगे रेफर कर दिया। परिजनों ने अपने विवेक से उसे मुख्य मार्ग कटघोरा स्थित हरि कृष्णा अस्पताल पहुंचाया। जांच-पड़ताल के बाद उसे जरूरी दवाईयां दी गई। फिर पीडित को आईसीयू में शिफ्ट किया गया।

मामले की जानकारी होने पर पुलिस ने संज्ञान लिया। वास्तविक स्थिति जानने के लिए पीडित के सामान्य होने की प्रतीक्षा की जा रही है। हालांकि परिजनों ने अचानक उल्टी होने की बात कही है। वहीं नजदीकी सूत्र धान उठाव के मामले की तरफ इशारा कर रहे हैं। याद रहे इस वर्ष कोरबा जिले के अनेक केंद्रों में तय समयसीमा के काफी देर बाद उपार्जन केंद्रों से राइस मिलर्स ने धान का उठाव किया और उपार्जन केंद्रों का टेंशन बढ़ाया।

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