एनटीपीसी की राख ने किया जीना दूभरः प्रबंधन की वादा-खिलाफी से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम ,थमे भारी वाहनों के पहिए

कोरबा 24 मार्च। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के धनरास गांव में प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया है। एनटीपीसी लिमिटेड के राखड़ बांध से उड़ रही राख और वादों की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि राखड़ बांध से उड़ने वाली राख उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गई है। हवा के साथ उड़ती राख जहां फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रही है, वहीं बहकर खेतों और घरों तक पहुंच रही है, जिससे खेती और जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि राख से प्रभावित लोगों के लिए निर्धारित क्षतिपूर्ति राशि अब तक नहीं मिली है। इसके अलावा, पूर्व मेंकिए गए वादे, जैसे घमौटा गांव के पास वॉटर पंप लगाना और अन्य जनहित कार्य-अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

हड़ताल के चलते राख परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है। सड़कों पर भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Spread the word