देवपहरी हिंगलाजगढ़ में श्रद्धालु कर रहे पांच शक्तिपीठों की ज्योति के दर्शन

कोरबा 22 मार्च। चौत्र नवरात्र पर कोरबा जिले के देवपहरी स्थित सिद्ध रात्रि देवी मंदिर और हिंगलाजगढ़ में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार उपस्थित हो रही है। यहां पर दो दिन तक देवी की आराधना होगी। कोरबा जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर देवपहरी में देवी सिद्धिदात्री का मंदिर स्थापित है जहां पर चौत्र नवरात्र में दर्शन के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लोगों की पहुंच बनी हुई है। देवपहरी और आसपास के 40 गांव के लोगों ने इस आयोजन की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है।
ग्रामीण विकास के प्रकल्प के साथ यह लोग सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं और इन्होंने बीते वर्षों में अपने जीवन स्तर को बेहतर करने में सफलता हासिल की है। पिछले वर्ष सामूहिक स्तर पर किए गए प्रयासों से गोमुखी सेवा धाम परिसर में हिंगलाजगढ़ की स्थापना की गई जहां पर देश के पांच देवी शक्तिपीठ से अखंड ज्योत लाकर प्रज्वलित की गई। इनमें वैष्णो देवी, कामाक्षीपुरम, कामाख्या मंदिर गुवाहाटी और अंबाजी मंदिर पावागढ़ गुजरात सहित एकजोत सिद्धिदात्री मंदिर की है । जबकि प्रतीकात्मक रूप से एक ज्योति हिंगलाज भवानी मंदिर के नाम से भी जल रही है। संकल्प लिया गया है कि कभी अखंड भारत का हिस्सा रहे हिंगलाज भवानी के मंदिर को जब भारत अपने हिस्से में शामिल कर लेगा तो वहां से भी अखंड ज्योति को लाया जाएगा और फिर इसकी स्थापना यहा होगी। पिछले वर्ष अश्विन नवरात्र पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं इन अखंड ज्योति के दर्शन में किया था और तब से लेकर अब तक इस स्थान की चर्चा लगातार हो रही है। गोमुखी सेवा धाम देवपहरी के कार्यकर्ता नरोत्तम सिंह ने बताया कि क्षेत्र नवरात्रि में कई प्रकार के अनुष्ठान यहां किए गए हैं। परंपरागत रूप से क्षेत्र के लोगों की सेवाएं इस कार्य में प्राप्त हो रही है। अनेक मानस मंडलियों के द्वारा भजन और जस गायन प्रतिदिन किया जा रहा है।
