हाई स्पीड गाडियों पर नियंत्रण के लिए इंटरसेप्टर का सहारा

कोरबा 12 दिसम्बर। जिले में ट्रैफिक पुलिस के द्वारा सडक हादसों की रोकथाम को लेकर अलग-अलग तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं। मैनुअल और टेक्निकल तरीकों से ऐसे मामलों में कार्यवाही की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य यह है कि हादसों का ग्राफ कम करने के साथ चालकों को उनकी जिम्मेदारी बताई जाए।

पुलिस ने बताया कि हाईवे और दूसरे मार्ग पर हाई स्पीड वाहनों की गति मापन के साथ उनकी धरपकड़ करने लगातार कोशिश की जा रही है। जिले से पिछले दिनों भेजे गए प्रस्ताव पर पीएचक्यू ने इंटरसेप्टर वाहन मुहैया कराया है। इसमें कई तरह की विशेषताएं हैं, जिसके जरिए ट्रैफिक पुलिस को नियम पालन के मामले में उपेक्षा करने वाली गाडियों को पकडने व कार्यवाही करने में सहूलियत हो रही है। बताया गया कि इसमें हाइटेक स्पीड रडारगन से मूव करती गाडियों की रफ्तार को आंका जा रहा है और ई-चालान करना भी आसान हुआ है। हाई फ्रीक्वेंसी वाहने कैमरे के साथ दूसरे सिस्टम इसे खास बनाते हैं।

बताया गया कि हाईवे पर दुर्घटना की सूचना इसके जरिए कंट्रोल रूम को कुछ ही देर में पहुंचाना संभव हुआ है। वीआईपी रूट और आवागमन को बेहतर करने में भी इसे उपयोगी माना गया है। बताया गया कि नशे में ड्राइविंग से लेकर संदिग्ध वाहनों की धरपकड़ को लेकर यह हाईटेक वाहन अपनी भूमिका लगातार निभा रहा है। बताया गया कि कोरबा जिले में हादसों का ग्राफ कम करने को लेकर इस वर्ष काफी काम किया गया और चालकों को जागरूक करने में भी सफलता मिली।

Spread the word