बुधवार सुबह फिर मारे गए सात नक्सली, 45 हथियार बरामद हुए

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के मारेडुमिल्ली इलाके में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सात नक्सली मारे गए हैं. राज्य के इंटेलिजेंस एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह ऑपरेशन मंगलवार को शुरू हुआ था और लगातार चल रही कार्रवाई में अब तक सात नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी फील्ड से मिल चुकी है. एडीजी लड्डा के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं. सभी की पहचान की प्रक्रिया जारी है और मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, हथियार और तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं.

एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने बताया कि एजेंसी क्षेत्र में आज फिर पुलिस और नक्सलियों के बीच गोलीबारी हुई. उन्होंने कहा कि नक्सली लगातार छत्तीसगढ़ से आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते इंटेलिजेंस एजेंसियां उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रख रही हैं. एडीजी ने बताया कि 17 नवंबर को सुरक्षा बलों ने एक अहम ऑपरेशन चलाया था. मारेडुमिल्ली में हुई मुठभेड़ में नक्सली नेता हिड़मा समेत छह नक्सली ढेर कर दिए गए थे. उनके पास से जुटाई गई सूचना के आधार पर पुलिस ने बीते दिनों बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया और NTR, कृष्णा, काकीनाडा, कोनसीमा और एलुरु जिलों से 50 नक्सलियो को गिरफ्तार किया. यह राज्य के इतिहास में पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर केंद्रीय, राज्य, एरिया कमेटी सदस्यों और प्लाटून टीम के सदस्य एक साथ पकड़े गए हों.

आंध्र प्रदेश एडीजी ने बताया कि इस अभियान में 45 हथियार, 272 कारतूस, दो मैगजीन, 750 ग्राम वायर और अन्य सामग्री बरामद की गई. उन्होंने कहा कि फील्ड स्टाफ ने पूरी योजना के अनुरूप बिना किसी हानि के ऑपरेशन को अंजाम दिया. शुरुआती पहचान में एक प्रमुख नक्सली की पुष्टि हुई है. उसका नाम मेटुरी जोगाराव उर्फ शंकर बताया जा रहा है, जो श्रीकाकुलम का रहने वाला था. पुलिस के मुताबिक, शंकर आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) के तौर पर काम करता था और नक्सल संगठन में तकनीकी मामलों का विशेषज्ञ माना जाता था.

शंकर को हथियार निर्माण, कम्युनिकेशन सिस्टम और तकनीकी नेटवर्क संचालित करने में महारत हासिल थी. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह वही कैडर था जो AOB जोन में नक्सलियों की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने का काम करता था. मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ महीनों में आंध्र– ओडिशा क्षेत्र में माओवादी गतिविधि फिर से बढ़ने के संकेत मिले थे. पुलिस को इनपुट मिले थे कि नक्सली जंगलों में नया ठिकाना बना रहे हैं और स्थानीय कैडर को सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं. इसी आधार पर मंगलवार को संयुक्त बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था.

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