ट्रंप ने दी नेशनल गार्ड तैनात करने की चेतावनी

वॉशिंगटन. अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वह ‘इंसरेक्शन एक्ट’ (विद्रोह अधिनियम) लागू कर सकते है। इस एक्ट के तहत अमरीका के राष्ट्रपति को देश के भीतर सेना तैनात करने का अधिकार है। ट्रंप ने कहा, ‘अगर लोगों की जान जा रही हो या अदालतें और गवर्नर अड़चन पैदा करें, तो मैं कार्रवाई करूंगा। हमें अपने शहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।’
ट्रंप प्रशासन ने शिकागो (इलिनॉय) और पोर्टलैंड (ओरेगन) में नेशनल गार्ड और संघीय बलों की तैनाती की योजना बनाई है। उनका दावा है कि यह कदम अपराध नियंत्रण और ‘इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई)’ अधिकारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
शिकागो में 300 नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती पहले ही मंजूर हो चुकी है, जबकि टेक्सास से करीब 200 सैनिक पहुंचने वाले हैं, जिनकी तैनाती बुधवार से सुनिश्चित की जाएगी। इलिनोइस के गवर्नर व डेमोक्रेट जेबी प्रित्जकर ने सोमवार को कहा कि वह ‘हर संभव तरीके’ का इस्तेमाल करेंगे और राज्य ‘ट्रंप प्रशासन को प्रतिरोध किए बिना अपने सत्तावादी मार्च को जारी रखने की अनुमति नहीं देगा।’ तैनाती के खिलाफ इलिनोइस के नेताओं ने कोर्ट में याचिका भी दाखिल की। इससे पहले ट्रंप ने जून में कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स में तथा अगस्त में वाशिंगटन डी.सी. में नेशनल गार्ड सैनिकों को तैनात किया था।
क्या है इंसरेक्शन एक्ट.?
इंसरेक्शन एक्ट, 1807 का अमरीकी कानून है, जो राष्ट्रपति को आंतरिक विद्रोह, हिंसा या कानून व्यवस्था के संकट की स्थिति में सेना तैनात करने की अनुमति देता है। इसका उद्देश्य राज्यों की सीमाओं के भीतर शांति बहाल करना है। इसे अब तक सीमित अवसरों पर, जैसे 1992 में लॉस एंजिल्स दंगों के दौरान, लागू किया गया है।
