जिला पंचायत सचिव संघ ने लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, हड़ताल की दी चेतावनी

कोरबा 04 सितंबर। कोरबा जिला पंचायत सचिव संघ ने बुधवार को जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए अपनी बहुप्रतीक्षित लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग की है। सचिव संघ ने स्पष्ट कहा है कि यदि प्रशासन ने 15 दिवस के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो 16वें दिन से जिलेभर के सचिव काम बंद हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला पंचायत प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में संघ ने सबसे प्रमुख मुद्दा सचिवों के लंबित वेतन का उठाया। बताया गया कि कोरबा जिले के पांचों जनपद पंचायतों में कार्यरत सचिवों में से केवल पोंडी-उपरोड़ा जनपद पंचायत के सचिवों को 10 माह पूर्व लंबित वेतन का भुगतान किया गया है, जबकि शेष चार जनपद पंचायतकृकटघोरा, कोरबा, पाली और करतला में अब तक सचिवों का भुगतान लंबित है। इससे सचिव वर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहा है।इसी प्रकार वर्ष 2012-13 से 2018 तक सचिवों के वेतन की अंतर राशि का भुगतान भी नहीं किया गया है। संघ ने इसे गंभीर अनदेखी बताया और कहा कि लगातार ज्ञापन देने के बावजूद जिला पंचायत प्रशासन इस विषय पर मौन है। साथ ही, एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन योजना) की राशि शासन द्वारा जिला पंचायत के खाते में जमा कराई जा चुकी है, किंतु सचिवों के हिस्से का समायोजन अब तक नहीं किया गया है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत सचिवों पर तथाकथित ठेकेदारों द्वारा दबाव डाला जा रहा है। सचिवों से अपनी मनमर्जी के अनुसार कार्य कराने की कोशिश की जाती है और यदि वे इनकार करते हैं तो उन्हें स्थानांतरण की धमकी दी जाती है। संघ ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से लंबे समय से सेवा दे रहे सचिवों को ही निशाना बनाया जा रहा है। जिन सचिवों ने 10 से 15 वर्षों तक एक ही पंचायत में सेवा दी है और जहां पंचायतों में तालमेल व विकास कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं, उन्हें भी अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। वहीं स्थानांतरण के नाम पर पंचायत सचिव को डरा धमका कर वसूली तक की जा रही है। जबकि यह सरासर गलत है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में दिनांक 12 जून 2024, 11 सितंबर 2024, 22 अक्टूबर 2024, 18 नवंबर 2024, 6 जनवरी 2025 और 11 मार्च 2025 को जिला पंचायत को बार-बार प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बावजूद प्रशासन ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। इससे सचिव वर्ग बेहद क्षुब्ध है और आंदोलन की स्थिति में पहुंच गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। संघ ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते पहल नहीं की तो सचिवों की हड़ताल से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
