छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षा बलों की भूमिका अतुलनीय और ऐतिहासिक: अमित शाह

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल विरोधी अभियान में लगे फोर्स कमांडरों और कमांडो से विशेष मुलाकात की। इस बातचीत में उन्होंने ऑपरेशनल रणनीति, जमीनी चुनौतियों और सुरक्षा बलों की ज़रूरतों के बारे में विस्तृत जानकारी ली और उनकी वीरता व समर्पण की प्रशंसा की। अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षा बलों की भूमिका अतुलनीय और ऐतिहासिक है।

उन्होंने जवानों से कहा कि भारत सरकार और पूरा देश उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करता है। आधुनिक संसाधनों और रणनीति पर चर्चा बैठक के दौरान गृह मंत्री ने फोर्स को आधुनिक उपकरण, उच्च तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण से लैस करने के केंद्र सरकार के प्रयासों को दोहराया।

उन्होंने फील्ड में मौजूद कमांडरों से सीधे फीडबैक लिया और कहा कि जमीनी अनुभव के आधार पर नीति-निर्माण को मजबूती दी जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र के साथ समन्वय बनाकर राज्य को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने विश्वास के साथ दोहराया कि 31 मार्च, 2026 तक देश नक्सलवाद से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे सुरक्षाबलों ने पराक्रम दिखाया है और सूचना एजेंसियों ने सटीक रणनीति बनाई है, उसके आधार पर हम इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएँगे क्योंकि हमारे सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी रहेगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने नक्सलवाद के रास्ते पर भटक कर गए सभी युवाओं से हथियार डालकर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने की अपील भी की। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें विकास यात्रा में जुड़ने का इससे अच्छा मौका नहीं मिंलेगा। श्री शाह ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवा सरकार पर भरोसा करें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। इस तरह वे अपने आप देश की विकास यात्रा के साथ जुड़ जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि सरकार ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों से जो वायदा किया है, उसे पूरा किया जाएगा औऱ उससे अधिक सहायता करने का प्रयास भी किया जाएगा।

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